फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पिस्तौल दिखाकर जान से मारने की धमकी, जजपा जिलाध्यक्ष के बेटे के खिलाफ केस दर्ज, दो हिरासत में

विज्ञापन
threatened to die - फोटो : Yamuna Nagar
विज्ञापन
बुड़िया क्षेत्र के गांव दमोपुरा में खनन सामग्री से भरे वाहनों को निकालने को लेकर ग्रामीणों और छछरौली से बसपा के पूर्व विधायक एवं जजपा के जिला अध्यक्ष अर्जुन सिंह के बेटे
विज्ञापन

के बीच विवाद हो गया। हंगामे की सूचना पर बुड़िया थाना प्रभारी लज्जा राम पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस की मौजूदगी में भी हंगामा होता रहा। आरोप है कि पूर्व विधायक के बेटे ने रिवाल्वर निकाल ली थी। थाना प्रभारी लज्जाराम ने भूपेंद्र से पिस्तौल छीन ली और वहां से उसके कुछ साथियों को हिरासत में ले लिया। इस घटनाक्रम की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। पुलिस ने इस मामले में पूर्व विधायक के बेटे भूपेंद्र उनके चार साथियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। इनमें से दो को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
गांव दमोपुरा निवासी बलवान सिंह ने बुड़िया थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि गांव की सड़क से खनन सामग्री से भरे ओवरलोड वाहन निकलते है। जिसके कारण आसपास के घरों की दीवारों में दरारें आ गईं हैं। कई बार खनन ठेकेदारों को शिकायत की गई कि यहां से ओवरलोड वाहन न निकाले। लेकिन वे नहीं माने। सोमवार रात को ग्रामीणों ने ओवरलोड वाहनों के यहां से निकलने पर रोकना शुरू कर दिया। कुछ देर में पूर्व विधायक अर्जुन सिंह के बेटे भूपेंद्र अपने साथियों के साथ पहुंच गए। आरोप है कि उन्होंने ग्रामीणों को धमकाया। उधर, सूचना मिलने पर बुड़िया थाना प्रभारी लज्जाराम अन्य पुलिस कर्मियों के साथ मौके पर पहुंच गए। इसी दौरान पूर्व विधायक के बेटे ने गांव के एक ट्रैक्टर चालक को रोका और धमकाना शुरू कर दिया। थाना प्रभारी ने समझाना चाहा। लेकिन उनकी नहीं सुनी। आरोप है कि जब वे उसे पकड़कर पीछे ले जाने लगे तो पिस्तोल निकाल ली। इससे पहले वह किसी पर फायरिंग करता एसएचओ ने उसके हाथ से पिस्तौल छीन ली। पुलिस ने उसके साथियों को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने इस मामले में बलवान की शिकायत पर भूपेंद्र व उसके साथियों के खिलाफ धारा 323, 506, 25 आर्मस एक्ट के तहत केस दर्जकर जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन

इस संबंध में पूर्व विधायक और जजपा के जिलाध्यक्ष अर्जुन सिंह का कहना है कि कानून से बड़ा कोई नहीं है। कुछ लोग सड़क पर आने जाने वाले वाहनों को रोक रहे थे। एक जिम्मेदार नागरिक होने के चलते भूपेंद्र ने अपनी गाड़ी रोक कर मामले की जानकारी लेनी चाही। इतनी सी बात को हवा दे दी गई। हमारे पास अपनी खुद की सुरक्षा के लिए हथियार है। इसका मतलब ये नहीं की हम किसी को तंग करते हैं। रिवाल्वर दिखाने की कोई बात हुई ही नहीं। यह सब किसी की साजिश है। हमारे पास न कोई ट्रॉली है और न ही डंपर और न ही हम खनन व ओवरलोड में शामिल हैं।
सोशल मीडिया में वायरल हुई वीडियो में भूपेंद्र दमोपुरा के एक ट्रैक्टर को रोककर चालक को धमका रहे हैं। उसी समय एसएचओ लज्जा सिंह और एक अन्य पुलिस कर्मी उनको पकड़कर पीछे ले जाते दिख रहे हैं। उन्हीं ने पेंट से पिस्टल निकाली। लेकिन एसएचओ लज्जा राम ने उसे छीन लिया। इसके बाद भूपेंद्र और पुलिस कर्मियों में बहस होती है। जिसमें पुलिस कर्मी भी उनको धमकाते हुए दिखाई दे रहे है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें