रादौर/जठलाना। क्षेत्र में गंगा दशहरा पर यमुना नदी के गुमथला, लालछप्पर, संधाला, जठलाना, उन्हेडी, पौबारी घाटों पर काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने यमुना में डुबकी लगाकर मन्नत मांगी। इस दौरान गुमथला गांव स्थित बाबा गंगाराम मंदिर में मेला लगाया गया। यहां पर श्रद्धालुओं ने बाबा गंगाराम की समाध पर माथा टेका और मन्नत मांगी। इस दौरान प्रशासन की ओर से दमकल, किश्ती व गोताखोरों की व्यवस्था की गई।
इस अवसर पर बाबा गंगा राम मंदिर और गुमथला घाट स्थित यमुना माता के मंदिर में हजारों श्रद्धालुओं ने माथा टेका। विजय वेदपाल ने परिवार सहित मानव कल्याण, विश्व शांति और प्रदेश में सुख-समृद्धि के लिए हवन किया। इस दौरान भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। विजय वेदपाल ने कहा कि यमुना एक जीवनदायिनी शक्ति हैं। भारत की सबसे पवित्र नदी के साथ सूर्यपुत्री व यमराज एवं दानवीर कर्ण की बहन हैं। यमुना सुखदायिनी, कष्टहरणी व मोक्ष दायिनी हैं। इस मौके पर अभिनंदन ढांडा, पूजा, जयपाल, नरेश खुब्बड, सुरेंद्र सिंह पूर्व सरपंच कंडरौली, कर्मसिंह, शिवकुमार कांबोज, अमित, बलवान सिंह ढांडा, सूबे सिंह, सतबीर, परीक्षित ढांडा, रमेश नठोडी, सतीश कांबोज मौजूद रहे। रादौर में पश्चिमी यमुना नहर के कच्चे व पक्के घाट पर भी श्रद्धालुओं की काफी भीड़ रही। रादौर निवासी दीपक, विशू, सुमित गर्ग, संदीप, शैंटी, मक्खन, रामकुमार आदि ने बताया कि गंगा दशहरा पर रादौर के लोग लंबे समय से कच्चे व पक्के घाटों पर पूजा अर्चना करते आ रहे हैं।
गुमथला घाट पर तैनात रही एनडीआरएफ की टीम
गंगा दशहरा को लेकर हजारों की संख्या में श्रद्धालु रविवार को यमुना नदी के अलग-अलग घाटों पर स्नान करने के लिए पहुंचे। सबसे अधिक भीड़ गुमथला घाट पर रही, जहां प्रशासन की ओर से एनडीआरएफ की टीम को बोट के साथ तैनात किया गया। इस दौरान प्रशासन की ओर से मौके पर दमकल की एक गाड़ी व दो एंबुलेंस भी तैनात की गई थी।