संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। नियमितीकरण की मांग को लेकर अतिथि अध्यापक तीसरे दिन भी सहारनपुर हाईवे पर डटे रहे। हालांकि रविवार को शिक्षामंत्री के कहे अनुसार अध्यापकों का एक प्रतिनिधिमंडल चंडीगढ़ में सीएम से पीएसओ अमित अग्रवाल व सीनियर सेकेंडरी डायरेक्टर जे गणेशन से मिलने के लिए पहुंच गया था। उनकी दोनों में से किसी के साथ कोई बातचीत नहीं हो पाई।
इसके बाद अतिथि अध्यापक दोपहर चार बजे शिक्षामंत्री कंवरपाल गुर्जर से मिले। इस दौरान मांगों को लेकर दो घंटे चली बातचीत में कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला। ऐसे में मंत्री ने अतिथि अध्यापकों को मंगलवार को दोबारा चंडीगढ़ आने की बात कही। उधर, जब चंडीगढ़ में अध्यापकों की शिक्षामंत्री से बैठक चल रही थी, तब इधर प्रशासन की तरफ से अध्यापकों को हाईवे खाली करने की चेतावनी दी गई।
बाकायदा देर शाम को दोबारा डीएसपी राजेंद्र की तरफ से अतिथि अध्यापकों के बीच में आकर एक घंटे में हाईवे को खाली करने की चेतावनी दी गई। मगर खबर लिखे जाने तक हाईवे को खाली नहीं करवाया जा सका। मगर नाइट कर्फ्यू को देखते हुए रात 11 बजे हाईवे को खाली करवाया जा सकता है। चंडीगढ़ गए प्रतिनिधिमंडल में अतिथि अध्यापक संघ संघर्ष समिति की अध्यक्षा मैना यादव, महासचिव पारस शर्मा, उपाध्यक्ष राजीव चंदाखेड़ी, प्रेस प्रवक्ता राधा कृष्ण, करनाल के जिला प्रधान जागलान, चंद्र प्रकाश व प्रदीप शामिल थे। अध्यापकों ने साफ कह दिया है जब तक उन्हें लिखित में कोई आश्वासन नहीं मिलता है तब तक वे हाईवे से नहीं उठेंगे।
जब सड़क पर डटे अतिथि शिक्षक, हटा पुलिस-प्रशासन
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यमुनानगर। नियमितीकरण की मांग को लेकर लगातार तीसरे दिन अतिथि अध्यापक जगाधरी के अग्रसेन चौक पर डटे रहे। पुलिस प्रशासन की ओर से दबाव और चेतावनी के बाद भी देर शाम तक जब प्रदर्शनकारी अतिथि शिक्षक हटने को तैयार नहीं हुए तो अधिकारी भी वापस लौट गए। आशंका जताई जा रही है कि रात 11 बजे के बाद नाइट कर्फ्यू का हवाला देकर पुलिस-प्रशासन की ओर से कार्रवाई की जा सकती है। वहीं दूसरी ओर भारतीय किसान यूनियन ने एकबार फिर अतिथि अध्यापकों का समर्थन करते हुए हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया है।
जगाधरी के अग्रसेन चौक पर डटे अतिथि अध्यापकों को उठाने के लिए सोमवार की सुबह से पुलिस प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार किया था। इसके तहत सुबह ही एसडीएम और डीएसपी ने मौके पर पहुंचकर अतिथि अध्यापकों को हाईवे से हटने की चेतावनी दी थी। साथ ही विरोध जताने के लिए जगाधरी अनाज मंडी में जाने की बात कही थी, लेकिन प्रदर्शनकारी शिक्षक इसके लिए तैयार नहीं हुए। उनका कहना था कि जब तक चंडीगढ़ गए प्रतिनिधिमंडल की सरकार से वार्ता नहीं होगी और लिखित आश्वासन नहीं मिलेगा, तब तक वह हाईवे से नहीं उठेंगे।
इसके बाद देर शाम को एकबार फिर डीएसपी अध्यापकों के बीच पहुंचे और एक घंटे में हाईवे को खाली करने की चेतावनी दी। साथ ही मौके पर पुलिस बल भी बढ़ा दिया गया। पुलिस की ओर से नाइट कर्फ्यू का हवाला दिया, लेकिन अतिथि अध्यापक अपनी मांग पर अड़े रहे। दूसरी ओर भाकियू ने अतिथि अध्यापकों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है। साथ ही अतिथि अध्यापकोें के लिए भोजन की भी व्यवस्था कराई है।
रात के समय टेंट के नीचे बैठे अतिथि अध्यापक। संवाद- फोटो : Yamuna Nagar