संवाद न्यूज एजेंसी
साढौरा। इमिग्रेशन सेंटर संचालक नीरज के घर शनिवार देर रात हुई फायरिंग मामले में सोमवार भी दूसरे आरोपी को पुलिस नहीं पकड़ पाई। उसकी धरपकड़ के लिए गठित तीन टीमों ने जगह-जगह दबिश दी। सोमवार की देर शाम तक आरोपी पुलिस पकड़ से बाहर था।
लोगों को विदेश भेजने का काम करने वाले कच्चा किला समीप रहने वाले नीरज के घर के बाहर खड़े होकर बदमाशों ने छह गोलियां चलाई थी। इसमें दो गोली घर में लगी रेलिंग पर, दो गोली घर के उपर बने चौबारे पर लगे शीशे पर और दो गोली दीवार पर लगीं। फायरिंग के वक्त नीरज दिल्ली में था, जिसे घटना क बाद घर लौटने पर पुलिस सुरक्षा मुहैया गई।
उसे दो पुलिस कर्मी दिए गए हैं। नीरज से उससे कई माह पहले भी गैंगस्टर 30 लाख रुपये की रंगदारी मांग चुका है। इसी रंगदारी से फायरिंग को जोड़कर देखा जा रहा है। पुलिस ने मौके से छह खाली खोल बरामद किए थे। बाद में पहाड़ीपुर नाका के पास बदमाशों को घेर लिया। इसके बाद बदमाश खेतों में जाकर छिप गए।
पुलिस ने रातभर बदमाशों की खेतों में तलाश की। एक आरोपी बरवाला निवासी साहिल को कैल-पंचकूला बाईपास से पकड़ लिया, जिससे बाइक, छह कारतूस, पिस्टल व मोबाइल बरामद हुए। रविवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर घटना की जिम्मेदारी गैंगस्टर वैंकेट गर्ग ने ली थी। थाना प्रभारी अजय कुमार ने बताया कि दूसरे आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस टीमें प्रयास कर रही हैं। उसे जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।