संवाद न्यूज एजेंसी
व्यासपुर। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान व्यासपुर की तरफ से आयोजित सात दिवसीय श्री कृष्ण कथामृत के प्रथम दिन कालिंदी भारती ने भगवान श्री कृष्ण की महिमा का गुणगान किया। उन्होंने कई भक्तों के जीवन का वर्णन करते हुए संत तुकाराम जी की जीवनगाथा को बहुत ही सुंदर शब्दों में विस्तारपूर्वक वर्णित किया।
साध्वी ने कहा कि देव भूमि भारत की धरा पर संत महापुरुषों का अवतरण हुआ है। जब-जब धरती पर धर्म की हानि और अधर्म का बोझ बढ़ता है तब वह ब्रह्मांड की परम सत्ता इस धरा पर हमारे जैसा ही बनकर आते हैं। वह देखने में साधारण हो सकते हैं, लेकिन उनका लक्ष्य व संकल्प संपूर्ण विश्व शांति हेतु जन कल्याण और मानव जीवन के उत्थान के लिए होता है।
उनकी कार्यशैली इतनी विराट और असीम होती है कि वह जन साधारण को अपनी साधारण सी दिखने वाली लीलाओं द्वारा ही जीवन के परम लक्ष्य से जुड़ने के सूत्र प्रदान कर देता है। जिससे हमारी आने वाली पीढि़यां इन महान सूत्रों का अनुसरण कर के अपने जीवन को सार्थक कर पाएं। द्वापर-युग में श्रीकृष्ण भगवान का अवतरण भी धरा से अन्याय व अधर्म को समूल नष्ट करने और भक्त जनों का कल्याण करने हेतु ही हुआ था। निराकार ब्रह्म को ही परमात्मा की संज्ञा दी जाती है, लेकिन उसके लिए भगवान शब्द तब लगाया जाता है जब वो निराकार पार ब्रह्म सत्ता पंचभूतों को अपने अधीन करके मानव देह में अवतरित होती है।
मानव जीवन बहुत अनमोल है, लेकिन जब तक मानव जीवन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रयास ही न किया जाए तब तक यह जीवन आवश्यकताओं और इच्छाओं की पूर्ति तक ही सीमित रहता है।