यमुनानगर। बिलासपुर के गांव बसातियांवाला में नौ दिन पहले गली में कार खड़ी करने को लेकर हुए झगड़े में घायल बुजुर्ग शेरसिंह की मौत हो गई। उनका उपचार पीजीआई चंडीगढ़ में चल रहा था। बुजुर्ग की मौत बाद परिजनों ने बिलासपुर छछरौली रोड पर गांव छोली के पास शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। उनकी मांग थी कि पहले आरोपियों पर हत्या का केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए। तभी वे मार्ग से जाम खोलेंगे। सूचना मिलने पर उप पुलिस अधीक्षक बिलासपुर आशीष चौधरी मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को समझाया। आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के आश्वासन पर परिजन शांत हुए और जाम खोला। पुलिस ने मामले में पहले से दर्ज केस में हत्या की धारा इजाद कर ली है। बताया जा रहा है कि मामले में एक आरोपी को हिरासत में लिया गया है।
कार हटाने को लेकर दो भाइयों में हुआ था विवाद-
गांव बसातियांवाला निवासी नरेंद्र कुमार ने बताया कि वह बीडीपीओ कार्यालय जगाधरी में सक्षम के पद पर लगा हुआ है। उसके पिता शेर सिंह (64) बिजली निगम से सेवानिवृत थे। नरेंद्र ने बताया कि उसकी छोटी बहन संतोष कुछ दिन पूर्व अपने पति के साथ उनके घर मिलने आई थी। 11 मार्च को बहन को पति के साथ वापस जाना था। उनके घर के साथ ही उसके चाचा सेवाराम की जमीन है और साथ ही उनका घर है। उसके चाचा सेवाराम ने अपनी गाड़ी उनके घर के पास गली में खड़ी की हुई थी। जिस पर उसने व उसके पिता शेरसिंह ने चाचा सेवा राम से कहा था कि संतोष को अपनी ससुराल जाना है। इसलिए वह कार को साइड में कर लें। लेकिन उसके चाचा ने उनकी बात को अनसुना कर दिया। इस दौरान उसके जीजा ने अपनी कार को वहां से किसी तरह निकाला और घर चले गए। रात को चाचा सेवाराम व उसका लड़का इंद्रजीत गालियां देते हुए हाथों में लाठी लेकर उनके गेट के सामने आ गए। जैसे ही पिता शेर सिंह गेट से बाहर गली में पहुंचे तो इंद्रजीत ने लाठी से उसके पिता से सिर पर वार कर दिया। वहीं सेवा राम ने भी पिता पर लाठी से कई वार किए। वह अपनी माता गुड्डी के साथ पिता को छुड़ाने लगे तो आरोपियों ने उन पर भी हमला कर दिया। इसी दौरान झगड़े में जमेरो, निर्मला, अशोक, जसबीर व विनोद ने भी उन तीनों पर हमला कर दिया। हमले में वो, उसके पिता व मां गंभीर रूप से घायल हो गए थे। तब आसपास के लोगों ने उपचार के लिए ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया। जहां से उसके पिता शेरसिंह की हालत गंभीर देख उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया था। शुक्रवार शाम को पीजीआई में उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
एंबुलेंस से उतार शव सड़क पर रख लगाया जाम-
शनिवार को परिजन शेरसिंह के शव को पोस्टमार्टम कराने के बाद बिलासपुर छछरौली रोड पर बसातियां वाला मोड पर पहुंचे। यहां उन्होंने छोली गांव के पास एंबुलेंस का रुकवा लिया और शव एंबुलेंस से उतारकर सड़क पर रख दिया। उनकी मांग थी कि जब तक आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर लेती तब तक वे न तो शव को सड़क से उठाएंगे और न ही उसका अंतिम संस्कार करेंगे। इसके बाद मौके पर पहुंचे बिलासपुर थाना प्रभारी बलबीर ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। इसके बाद उप पुलिस अधीक्षक अशीष चौधरी ने उन्हें आश्वासन दिया कि मामले में हत्या की धारा इजाद कर ली गई है। जल्द ही आरोपी पुलिस गिरफ्त में होंगे। इसके बाद परिजनों ने जाम खोल दिया। इस दौरान करीब दो घंटे तक बिलासपुर मार्ग जाम रहा। बिलासपुर उप पुलिस अधीक्षक आशीष चौधरी का कहना है कि मृतक के परिजनों को समझा दिया गया है। मामले में हत्या की धारा इजाद कर ली गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।