संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले में बुजुर्गों में उच्च रक्तचाप यानी हाई ब्लड प्रेशर की समस्या सामने आ रही है। मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल और उप जिला अस्पताल में बड़ी संख्या में बुजुर्ग स्वास्थ्य जांच और उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। रक्तचाप बढ़ने के साथ कुछ बुजुर्गों में पैरों में सूजन और अनिद्रा जैसी परेशानियां भी देखने को मिल रही हैं।
जिला अस्पताल में रोजाना 80 से अधिक बुजुर्ग उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। उम्र बढ़ने के साथ शरीर में होने वाले बदलावों के कारण उच्च रक्तचाप का खतरा बढ़ जाता है। समय पर जांच और उपचार नहीं मिलने पर यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है।
उप जिला अस्पताल जगाधरी के एमएस डॉ. अनुज मंगला ने बताया कि हाइपरटेंशन ऐसी स्थिति है, जिसमें धमनियों की दीवारों पर खून का दबाव लगातार सामान्य से अधिक रहता है। इससे हृदय और रक्त वाहिकाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। लंबे समय तक रक्तचाप नियंत्रित नहीं रहने से हार्ट अटैक, स्ट्रोक और किडनी संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए बुजुर्गों को नियमित रूप से रक्तचाप की जांच करवानी चाहिए।
उम्र बढ़ने के साथ शरीर की धमनियां धीरे-धीरे अपनी लचक खोने लगती हैं। इससे रक्त प्रवाह के दौरान प्रतिरोध बढ़ सकता है और रक्तचाप ऊपर जा सकता है। इसके अलावा शारीरिक गतिविधियों में कमी, खानपान की आदतें और पहले से मौजूद बीमारियां भी उच्च रक्तचाप को प्रभावित कर सकती हैं। कई बार इस बीमारी के स्पष्ट लक्षण नहीं दिखाई देते, इसलिए नियमित जांच बेहद जरूरी है।
लापरवाही से बढ़ सकता है खतरा : डॉ. अनुज
डॉ. अनुज मंगला ने बताया कि उच्च रक्तचाप के साथ पैरों में सूजन या नींद नहीं आने जैसी शिकायतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। हालांकि, इन समस्याओं के अन्य कारण भी हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में चिकित्सक से परामर्श लेना जरूरी है। बुजुर्गों को नमक का सेवन सीमित रखने, संतुलित आहार लेने और नियमित शारीरिक गतिविधि करने पर ध्यान देना चाहिए।