संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। ठंड बढ़ने के साथ ही मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। जिला नागरिक अस्पताल में ज्यादातर वायरल बुखार, निमोनिया, खांसी, जुकाम के मरीजों की संख्या बढ़ी है। प्रतिदिन ओपीडी में 60 से 80 बीमार बच्चे आ रहे हैं। इनमें अधिकांश वायरल फीवर के होते हैं। पिछले एक सप्ताह से अस्पताल में ठंड से प्रभावित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ी है।
चिकित्सकों ने चेतावनी दी है कि ठंड का मौसम कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों के लिए काफी खतरनाक साबित हो सकता है। बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार मरीजों को इस मौसम में विशेष सावधानी की जरूरत है। बदलते मौसम का असर सेहत पर दिखने लगा है। जिला नागरिक अस्पताल में मरीजों की संख्या रोज बढ़ रही है। यही हाल निजी अस्पतालों और क्लीनिकों पर है।
चिकित्सक दवा के साथ मौसम के मौजूदा मिजाज में मरीजों को दवा लिखने के साथ बीमारी से व बचाव के उपाय सुझाव रहे हैं। एक सप्ताह से अधिकतम व न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। मौसम के इस मिजाज का असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। आम दिनों ओपीडी में 1500 मरीज पहुंचते हैं, लेकिन अब बदलते मौसम के कारण ओपीडी करीब 1700 तक पहुंच रही है। इनमें अधिकांश वह मरीज हैं, जिन्हें केमिस्ट से दवा लेने के बाद भी आराम नहीं मिला।
वायरल के लक्षण
तेज बुखार और ठंड लगना। सिरदर्द और बदन दर्द। थकान और कमजोरी। गला खराब होना, खांसी, नाक बहना। भूख न लगना, दस्त या उल्टी।
बचाव के उपाय
अपने हाथ बार-बार धोएं और साफ-सफाई का ध्यान रखें। हमेशा उबला हुआ या फिल्टर किया हुआ पानी पिएं। तला, मसालेदार, और मीठा भोजन खाने से बचें। पर्याप्त आराम करें और भरपूर तरल पदार्थ लें। जहां बहुत भीड़ हो, वहां जाने से बचें।
सतर्क रहने का समय : डॉ. वागीश
जिला नागरिक अस्पताल से डॉ. वागीश गुटिन ने कहा कि मौसम बदल रहा है। यह सेहत के प्रति अधिक सतर्क रहने का समय है। इसमें पहनावे व आहार का ध्यान रखना चाहिए। बदलते मौसम के बीच बीमारी से लड़ने के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता का मजबूत होनी जरूरी है। इसके लिए आहार में हरी सब्जियों को शामिल किया जाना चाहिए।