यमुनानगर। कांग्रेसी एवं दलित नेता राजिंद्र वाल्मीकि के बेटे जानू वाल्मीकि हत्याकांड में पुलिस ने कुरुक्षेत्र के बड़ौदा निवासी हरपाल उर्फ नीलू और उमरी निवासी मितेश उर्फ मीतू को गिरफ्तार किया है। साथ ही कोर्ट में पेश कर चार दिन के रिमांड पर लिया है। दोनों आरोपियों से पूछताछ के बाद सोमवार को पुलिस ने मामले का खुलासा किया। वहीं हत्याकांड में नामजद सचिन पंडित, सुमित राणा और मनोज उर्फ शैंटी समेत अन्य आरोपी अभी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं।
डीएसपी आशीष चौधरी ने बताया कि गिरफ्तार किया गया आरोपी हरपाल शराब का अवैध कारोबार करता है और सचिन पंडित का दोस्त है। जानू की हत्या करने के लिए सचिन ने 14 अप्रैल को फोन कर हरपाल और मितेश को कुरुक्षेत्र से बुलाया था। इसके बाद दोनों आरोपियों ने अपने पांच अन्य साथियों के साथ हत्या से एक दिन पहले दिनभर जानू की रेकी की थी, लेकिन जानू उन्हें नहीं मिला था। इसके बाद दोनों कुरुक्षेत्र वापस लौट गए थे। तभी अगले दिन सचिन को जानू के शादी समारोह मेें जाने की सूचना मिली और फिर उसने कार भेजकर हरपाल और मितेश को दोबारा कुरुक्षेत्र से बुलाया। हरपाल व मितेश फिर से पांच साथियों के साथ 15 अप्रैल की शाम को यहां आ गए। इस दौरान सचिन पंडित ने उन्हें बताया कि जानू एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए जगाधरी विंटेज पैलेस में आएगा। वहीं पर उसे खत्म करना है। योजना के तहत हरपाल और मितेश के साथ अन्य आरोपी विंटेज पैलेस के बाहर घात लगाकर खड़े हो गए। इसी दौरान सचिन पंडित ने करीब 12 लड़के और बुलाए। इसके बाद सभी आरोपी पैलेस के बाहर गाड़ी में बैठ कर जानू के आने का इंतजार करने लगे। जैसे ही रात करीब एक बजे जानू अपने साथियों के साथ शादी समारोह से बाहर आया और अपनी कार में बैठने लगा तो आरोपी सचिन, सुमित राणा और मनोज उर्फ शैंटी ने उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी, जबकि आरोपी हरपाल व अन्य साथियों ने लोहे की रॉड और डंडों से जानू और उसके साथियों पर हमला किया। जानू की हत्या के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए, जबकि उसके दोस्त विश्वकर्मा मोहल्ला निवासी मोहित शर्मा, लुधियाना निवासी अनमोल व सिटी सेंटर निवासी रजत घायल हो गए। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी सचिन पंडित ने हरपाल, मितेश व उनके साथियों को कुरुक्षेत्र जिले के मथाना जाकर उतार दिया और गाड़ी लेकर फरार हो गया।
व्हाट्सअप पर जानू के बारे में सचिन को मिल रही थी पल-पल की अपडेट
डीएसपी आशीष चौधरी ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने बताया है कि सचिन पंडित बार-बार किसी से व्हाट्सएप कॉल कर जानू के बारे में जानकारी ले रहा था, लेकिन उन्हें नहीं पता कि वह किससे बात कर जानू के बारे में अपडेट ले रहा था। माना जा रहा है कि जानू हत्याकांड में आरोपी सचिन पंडित का कोई साथी जानू और उसके साथियों पर नजर रखे हुए था, जो जानू की हर गतिविधि की सूचना दे रहा था। अब पुलिस के लिए बड़ा सवाल यह है कि आखिर वह कौन था जो जानू की सभी जानकारी मुख्य आरोपी सचिन पंडित को दे रहा था। इसकी जांच के लिए पुलिस साइबर सेल की भी मदद ले रही है।