यमुनानगर। लघु उद्योग भारती के प्रतिनिधिमंडल ने राज्य प्रधान सुभाष देश मित्तल के नेतृत्व में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात कर उद्योगों से जुड़े विभिन्न मुद्दे उठाए। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मेक इन हरियाणा इंडस्ट्रियल नीति-2026 को अधिक उद्योग हितैषी बनाने के लिए सुझाव भी प्रस्तुत किए।
बैठक में कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल ने यमुनानगर जिले में अनअप्रूव्ड इंडस्ट्रीज की समस्या को प्रमुखता से उठाया। लघु उद्योग भारती के राज्य कार्यकारिणी सदस्य सुधीर चंद्र ने बताया कि जिले में 40 से 50 ऐसी औद्योगिक इकाइयां हैं, जो वर्षों पहले स्थापित हुई थीं, लेकिन नगर निगम बनने के बाद उनकी प्रॉपर्टी आईडी अनअप्रूव्ड दिख रही है।
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उन्होंने कहा कि इस स्थिति के कारण उद्योगपतियों को जमीन की खरीद-फरोख्त में परेशानी हो रही है और बैंक से ऋण लेने में भी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। इससे उद्योगों के विस्तार पर असर पड़ रहा है। यदि इस समस्या का समाधान हो जाए तो करीब 50 प्रतिशत उद्योग अपने यूनिट का विस्तार कर सकते हैं और नई इकाइयों की स्थापना भी संभव हो सकेगी।
प्रतिनिधिमंडल ने पुरानी इंडस्ट्रीज की समस्याओं के समाधान के लिए एक विशेष कमेटी गठित करने की मांग भी रखी। उनका कहना था कि इससे लंबे समय से लंबित मुद्दों का शीघ्र समाधान किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि उद्योगों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।