संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। नियमितीकरण की मांग को लेकर पुराने सहारनपुर हाईवे पर डटे अतिथि अध्यापकों का रविवार को ट्विन सिटी की सड़कों पर महाआक्रोश फूटा। इस महाआक्रोश रैली में हिस्सा लेने के लिए राज्यभर के अतिथि अध्यापक बड़ी संख्या में पहुंचे। इस दौरान 11 महिला अतिथि अध्यापकों को मुंडन कराना था। शिक्षामंत्री कंवरपाल गुर्जर की ओर से सोमवार को चंडीगढ़ में अधिकारियों से बातचीत करवाने के आश्वासन के बाद मुंडन स्थगित कर दिया गया।
इससे पूर्व रविवार की सुबह दस बजे अध्यापकों के प्रतिनिधि मंडल से एसपी कलदीप गोयल व डीएसपी राजेंद्र कुमार से वार्ता हुई थी। यह वार्ता करीब एक से डेढ़ घंटा चली। इस दौरान एसपी ने अध्यापकों की राज्य कार्यकारिणी की शिक्षामंत्री से बातचीत करवाई। इसके बाद अतिथि अध्यापक तीसरे दौर की चंडीगढ़ वार्ता के लिए राजी हुए।
महाआक्रोश रैली के दौरान राज्यभर के अतिथि अध्यापक भारी संख्या में धरनास्थल पर पहुंचे थे। अध्यापकों ने पहले धरनास्थल फिर सड़कों पर उतर सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर जमकर भड़ास निकाली। महाआक्रोश रैली अग्रसेन चौक से शुरू हुई और सफायर होटल से वापस मुड़कर धरनास्थल पर समाप्त हुई। रैली के चलते सड़क पर एक ट्रैफिक हो जाने के चलते जाम लग गया। वहीं अध्यापकों की रैली पर नजर रखने के लिए पुलिस की गाड़ियां भी साथ-साथ चली।
अतिथि अध्यापक संघर्ष समिति की राज्य प्रधान मैना यादव ने कहा कि सरकार हठधर्मिता पर अड़ी है, लेकिन जब तक सरकार उनकी मांगों को लेकर लिखित आश्वासन नहीं देती वे हाईवे से नहीं उठेंगे। उन्होंने कहा कि 8 सितंबर को मुख्यमंत्री मनोहर लाल से अतिथि अध्यापकोें की बैठक हुई थी, जिसमें शिष्टमंडल ने एक्ट में संशोधन कर अतिथि अध्यापकों को नियमित करने की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने एक्ट में संशोधन करने की बजाएबेसिक वेतन, मेडिकल व एलटीसी सहित सेवा नियम बनाने की बात 30 अक्तूबर तक पूरा करने की बात कही थी। यह वादा अब तक भी पूरा नहीं किया। इससे अध्यापकों में गहरा रोष है।
पुराना सहानपुर हाईवे पर जुटे राज्यभर के अतिथि अध्यापक। संवाद- फोटो : Yamuna Nagar