संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। पुराना रादौर रोड रेल फाटक पर नए साल-2025 की शुरूआत में शहर को दूसरा आरओबी (रेलवे ओवरब्रिज) मिलने की उम्मीद है। इसके लिए रेलवे व पीडब्ल्यूडी ने निर्माण कार्य में तेजी लाई है। अभी रेल ट्रैक पर आरओबी का काम बाकी है। जनवरी में आरओबी से आवाजाही शुरू होने की संभावना है। इसका सीधा लाभ रेल लाइन के दोनों ओर बसे लोगों को होगा।
उल्लेखनीय है कि ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरीडोर (माल गाड़ियों के लिए अलग ट्रैक) प्रोजेक्ट में रेल फाटक बंद कर उनके स्थान पर अंडरपास या आरओबी बनाए जा रहे हैं। इसी तरह फरवरी-2022 से पुराना रादौर रोड रेल फाटक का रास्ता बंद कर आरओबी का काम चल रहा है।
इसका एक ढांचा पुराना हमीदा की ओर सहारनपुर-कुरुक्षेत्र मार्ग के साथ शुगर मिल से रेल फाटक तक और दूसरा ढांचा पुराना रादौर रोड पर स्टार्च मिल गेट से रेल फाटक तक तैयार है। इस पर फिनिशिंग का काम चल रहा है। इसके अलावा रेलवे ट्रैक पर गार्डर रखने के बाद स्लैब डालने का काम जारी है।
पुराना रादौर रोड रेल फाटक का रास्ता आरओबी के निर्माण के चलते बंद होने से शहर से लोग सहारनपुर कुरुक्षेत्र मार्ग पर जाने के लिए पांच किलोमीटर दूर चांदपुर आरओबी या दो किलोमीटर दूर जमुना गली अंडरपास के रास्ते आते जाते हैं। इसी तरह सहारनपुर कुरुक्षेत्र मार्ग से शहर की ओर आने में कई किलोमीटर घूमकर आना-जाना पड़ रहा है।
इसमें वाहन चालकों के 15 से 30 मिनट अतिरिक्त लगते हैं। जमुना गली रेल फाटक के रास्ते बने अंडरपास से मई-2023 से वाहनों की आवाजाही चालू है, पर यहां तक पहुंचने को शहर की ओर लगते रास्ते तंग है। इस कारण जाम की दिक्कत रहने लगी है, वहीं अंडरपास से हल्के वाहन ही आ-जा सकते हैं।
अभी शहर से अधिकांश लोग चांदपुर आरओबी से सहारनपुर-कुरुक्षेत्र मार्ग आने-जाने पर मजबूर हैं। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के अम्बाला से चीफ जनरल मैनेजर पंकज गुप्ता का कहना है कि आरओबी का कुछ माह का काम शेष है। इसे जल्द पूरा करने का प्रयास किए जा रहे हैं।