संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले के सबसे बड़े तेजली स्टेडियम के बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। जगह-जगह पानी भरने के साथ खेल मैदानों व खुले स्थानों पर घास-झाड़ उग गए हैं। इन हालात पर खेल विभाग का ध्यान नहीं हैं। इससे यहां सुबह-शाम अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों को मक्खी-मच्छरों की परेशानी के साथ ही जहरीले जीवों का खतरा सता रहा है।
जनवरी-2023 में गणतंत्र दिवस पर तत्कालीन सीएम मनोहर लाल की ओर से तेजली स्टेडियम में खेल सुविधाओं को बढ़ाने और अन्य व्यवस्थाओं के सुधार के लिए 90 करोड़ खर्च करने की घोषणा की गई थी। इसके तहत 50 एकड़ में फैले स्टेडियम में इंडोर-आउटडोर खेल सुविधाएं मिलनी थीं, पर ढाई साल से इसके लिए औपचारिकताएं ही पूरी नहीं हो पाई हैं।
धरातल पर यह काम शुरू नहीं हो पाया। इसके विपरीत स्टेडियम के लगातार हालात बिगड़ रहे हैं। मानसून सीजन में बार-बार हो रही बारिश से स्टेडियम में जहां जगह-जगह जलभराव हो रहा है, वहीं कई इंच ऊंची घास व कई फीट के झाड़ भी उग गए हैं। इन्हें हटवाने पर खेल विभाग का ध्यान नहीं है।
इससे यहां सुबह-शाम अभ्यास के लिए आने वाले खिलाड़ी दिक्कतों से दो चार हो रहे हैं। स्टेडियम के प्रवेशद्वार पर ही शौचालय बना है, जिसके अंदर व बाहर गंदगी हैं। ये देख कोई भी खिलाड़ी चाहकर भी शौचालय नहीं जा पाता। एथलेटिक्स, फुटबॉल, क्रिकेट व अन्य खेल मैदानों में घास व झाड़ लगे गए है। इन हालात में अभ्यास करते खिलाड़ियों के गिरकर चोटिल होने का भय है। गंदगी व घास-झाड़ से मक्खी-मच्छरों की भी परेशानी है।
जिलास्तरीय समारोह होता तो सुधर जाते हालात
खिलाड़ियों ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस पर जिलास्तरीय समारोह तेजली स्टेडियम के बजाय जगाधरी अनाज मंडी में होगा।समारोह तेजली स्टेडियम में होता तो यहां कुछ सुधार हो जाता। पूरा साल स्टेडियम की अच्छी तरह से सफाई नहीं होती। बारिश के बाद चारों ओर घास-झाड़ लगे हैं, जिनके बीच अभ्यास करते गिरकर चोटिल होने का डर है। उनकी मांग है कि स्टेडियम में हर हफ्ते सफाई की जाए।
स्टेडियम की सफाई कराई जा रही है। जहां कहीं काम बाकी है, वह पूरा कराया जाएगा। खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। - शिल्पा गुप्ता, जिला खेल अधिकारी, यमुनानगर।