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यमुनानगर: लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज देश के सबसे ऊंचे अशोक चक्र की अष्टमंगला छत्रावली हवा से ढही

Sat, 05 Feb 2022 02:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुनानगर (हरियाणा)

सार

छह टन वजनी अशोक चक्र लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज है। नवंबर माह में स्थापित की गई थी 61 फीट ऊंची छत्रावली।
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देश के सबसे ऊंचे अशोक चक्र की अष्टमंगला छत्रावली हवा से ढही - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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हरियाणा के यमुनानगर के गांव टोपरा कलां के अशोका एडिक्ट्स पार्क में स्थित देश के सबसे बड़े 30 फीट ऊंचे अशोक चक्र पर तीन माह पूर्व स्थापित की गई 61 फीट ऊंची अष्टमंगला छत्रावली बारिश व हवा का एक झोंका भी नहीं सह पाई। शुक्रवार को अष्टमंगला छत्रावली जमीन पर गिर गई। गनीमत रही की जिस वक्त छत्रावली नीचे गिरी उस वक्त पार्क में कोई नहीं था, अन्यथा कोई बड़ा हादसा हो सकता था। छह टन वजनी लोहे के अशोक चक्र का नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में भी दर्ज है।

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छत्रावली के गिरने के बाद ग्रामीणों ने इसके निर्माण कार्य में उच्च क्वालिटी की सामग्री का प्रयोग न किए जाने के आरोप लगाए हैं। कार्य में ढिलाई बरते जाने के आरोप लगाए है और सरकार से मांग की है कि ऐतिहासिक पार्क की जिम्मेदारी व वहां के कार्य सरकार अपने अधीन लेकर करें।

नवंबर में स्थापित हुई थी छत्रावली

नवंबर 2021 में यह छत्रावली अशोक एडिक्ट्स पार्क में अशोका पार्क में अशोक चक्र के ऊपर लाखों रुपये खर्च कर लगाई गई थी, लेकिन तीन माह बाद ही यह छत्रावली ढह गई। टोपरा कलां के सामाजिक कार्यकर्ता मास्टर सुरेंद्र कुमार ने बताया कि जिस तरह से यह छत्रावली नीचे गिरी कोई बड़ा हादसा हो सकता था। अगर यह छत्रावली अशोक चक्र के ऊपर गिर जाती तो बड़ा नुकसान हो जाता।

उन्होंने कहा कि इस कार्य को संस्था के माध्यम से न करवा कर सरकार को खुद करना चाहिए, ताकि इस कार्य में गुणवत्ता आए। इसका रखरखाव भी सही तरीके से हो सके। पार्क और अशोक चक्र की शोभा बढ़ाने के लिए लगाई गई यह छत्रावली इस कार्य में हुई ढिलाई को उजागर कर गई। अभी इतनी तेज हवा भी नहीं चली थी कि जिससे इस प्रकार का नुकसान हो जाता। जिससे साफ जाहिर हो रहा है कि इस निर्माण में बेहतर सामग्री का प्रयोग नहीं किया गया।

निर्माण में कोई धांधली नहीं: सिद्धार्थ गौरी

इस बारे में दी बौद्घिस्ट फोरम के अध्यक्ष सिद्धार्थ गौरी का कहना है कि इसके निर्माण कार्य में कोई धांधली नहीं हुई है। ग्रामीणों के सारे आरोप निराधार हैं। जल्द ही इसकी दोबारा मरम्मत करवा कर इसे स्थापित कराया जाएगा। 

2017 में स्थापित हुआ था अशोक चक्र

गांव टोपरा कलां के ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए वर्ष 2017 में अशोका एडिक्ट्स पार्क में भारत के सबसे ऊंचे अशोक चक्र को स्थापित किया गया था। छत्र सम्मान का प्रतीक माना जाता है, इसलिए अशोक चक्र पर भी नवंबर 2021 में यह छत्रावली लाखों रुपए ख़र्च कर यहां स्थापित की गई थी। लेकिन तीन महीनों में ही छत्रावली ढह गई।

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