यमुनानगर नगर निगम क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए जारी हुए 10 करोड़ रुपये के बजट से गलियों और सड़कों का कायाकल्प होगा।
इससे शहरवासियों को खस्ताहाल सड़कों से निजात जल्द मिलेगी। क्योंकि जो 10 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया है, वह गलियों और सड़कों की दशा सुधारने में ही निगम की ओर से लगाया जाएगा। इससे पहले निगम की ओर से सितंबर माह में 12 करोड़ के 192 कार्य ठेकेदारों को अलॉट किए गए हैं।
जिसमें से कुछ कार्य पूरे हो चुके हैं, वही कुछ पर काम चला हुआ है। अब इन दस करोड़ से होने वाले 182 कार्यों की टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। मंगलवार को इन कार्यों के लिए निगम कार्यालय में टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। टेंडर के लिए आवेदन देने के लिए दोपहर बाद निगम कार्यालय में ठेकेदारों की भीड़ लगी रही।
निगम अधिकारियों का कहना है कि बुधवार को टेंडर ओपन किए जाएंगे। टेंडर ओपन होने के तीन से चार दिन के बीच ही ठेकेदारों को वर्क अलॉट कर दिया जाएगा।
नोटिस मिलने वाले ठेकेदारों को नहीं मिलेंगे टेंडर
इस बार निगम अधिकारियों की ओर से बड़ा कदम यह उठाया गया है कि जिन ठेकेदारों को पहले किसी कार्य के टेंडर दिए गए थे और उन्हें समय पर कार्य पूरा न करने पर नोटिस दिए गए थे और वे नोटिसों को संतोषजनक जवाब नहीं दे सके थे, उन्हें टेंडर नहीं दिए जाएंगे।
नगर निगम रिकार्ड में ऐसे पांच ठेकेदार हैं। नगर निगम ईओ विजय पाल यादव का कहना है कि बुधवार दोपहर बाद टेंडर खोले जाएंगे। हर कार्य को पूरा करने की समय अवधि रखी गई है। वर्क अलॉट होने पर ठेकेदार को तय समय पर कार्य पूरा करना होगा।
हर वार्ड में पांच से 10 सड़कें बनेंगी
यमुनानगर-जगाधरी नगर निगम में 20 वार्ड है। दस करोड़ के जारी बजट में से हर वार्ड के खाते में 50-50 लाख रुपये का बजट गया है। इस राशि से हर वार्ड में पांच से दस सड़कों को बनाया जाना है। निगम अधिकारियों का कहना है कि कई वार्डों में गलियों की मरम्मत और छोटी सड़कें बननी हैं।
वहां पर कार्यों की संख्या 10 या दस से ज्यादा है। उधर, जहां पर ज्यादा बजट के कार्य होने हैं, वहां पर पांच के करीब गलियां या सड़कें बनाई जाएंगी। अधिकारियों का कहना है कि हर वार्ड में 50 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें जो सड़कें या गलियां बनाने का निर्णय लिया गया है, वह पार्षदों की सहमति से लिया गया है।
जरूरी सड़कों की दशा सुधरे
शहरवासी सुनील कुमार, दीपक राणा, मोहित विज और रविंद्र शर्मा ने बताया कि लंबे समय से शहर के विभिन्न वार्ड में खस्ताहाल सड़कों से लोगों को परेशानियां उठानी पड़ रही हैं। पार्षदों के चुनाव के बाद विकास कार्यों होने की आस थी वह पूरी होती दिख रही है।
निगम अधिकारियों को पहले उन्हें सड़कों को बनवाना चाहिए, जिनकी हालत लंबे समय से खराब है और जिस सड़क से लोगों को अधिक आना जाना रहता है। इसमें अधिकारियों को राजनीति दबाव में काम नहीं करना चाहिए। 192 के करीब कार्य निगम क्षेत्र में जारी हैं और अब 182 नए कार्यों का टेंडर होने से शहर की तसवीर जरूर बदल जाएगी।
नहीं पड़ेगा ठंड का असर
नगर निगम ईओ विजयपाल यादव ने बताया कि जो गलियां या सड़कें बनाई जाएंगी, वे सीमेंटेड होंगी। दिसंबर और जनवरी माह में ठंड अधिक होने से इनके कार्यों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। इनमें से कोई भी सड़क तारकोल से नहीं बनेगी।
क्योंकि 15 दिसंबर से 15 फरवरी तक अधिक ठंड के चलते तारकोल की सड़क बनाई नहीं जा सकती। जिससे इन गलियों और सड़कों के निर्माण में ठंड बाधा नहीं बनेगी। ईओ का कहना है कि इस बार ठेकेदारों से समय पर कार्य पूरा करने में सख्ती रखी जाएगी। हर ठेकेदार को समय पर कार्य पूरा करके देना होगा।