मांगों को नहीं मानने और मुख्यमंत्री द्वारा की गई टिप्पणी के विरोध में जिलेभर की सैकड़ाें आशा वर्कर्स और सीटू कार्यकर्ताआें ने मंगलवार को सिर पर काले कपड़े बांधकर प्रदर्शन किया।
इस दौरान आशा वर्कर्स ने नेशनल हाईवे पर रोष मार्च निकाला और मुख्यमंत्री का पुतला फूंका। इसके बाद वर्करों ने साढौरा के विधायक राजपाल भूखड़ी के माध्यम से मुख्यमंत्री को आटा और मांगपत्र भेजा।
आशा वर्कर यूनियन और सीआईटीयू के बैनर तले जिलेभर की सैकड़ाें आशा वर्कर्स मंगलवार को कन्हैया साहिब चौक स्थित पार्क में एकत्रित हुईं। इस दौरान वर्कर्स ने एक दिसंबर को मुख्यमंत्री की टिप्पणी के विरोध में नारेबाजी की।
हाथों में आटे की कटोरियां और माथे पर काली पट्टियां
सभी वर्कर्स कन्हैया साहिब चौक पर सरकार विरोधी नारेबाजी और हाथाें में आटे से भरी कटोरियां और मुख्यमंत्री का पुतला लेकर नेशनल हाईवे-73 से रोष मार्च करती हुई निकली।
इस दौरान रोड पर उनके पीछे वाहनाें की लंबी कतारें लग र्गइं। जिससे हाईवे पर जाम की स्थिति बनी रही। प्रदर्शन करती हुई आशा वर्कर पंचायत भवन के समक्ष पहुंची। यहां उन्होंने मुख्यमंत्री के पुतले को लाठी डंडों और जूताें से पीटा। इसके बाद उन्हाेंने पुतले में आग लगाकर उसका दहन किया।
यहां से प्रदर्शन करती हुई आशा वर्कर्स हुडा सेक्टर-17 स्थित साढौरा विधायक राजपाल भूखड़ी के आवास पर पहुंची।
विधायक के आवास पर नहीं मिलने पर उन्हाेंने विधायक की पत्नी को मुख्यमंत्री के नाम आटे की कटोरियां और ज्ञापन साैंपा।
आशा वर्कर्स यूनियन हरियाणा की सचिव नीलम ने बताया कि मुख्यमंत्री ने आशा वर्कर्स के प्रतिनिधिमंडल को कहा था कि वह भी भूखे हैं। इसलिए हम उन्हें यहां से आटा भेज रही हैं। उन्हाेंने कहा कि वर्करों की मांगों पर सरकार ध्यान नहीं दे रही है। मांगों के संबंध में वर्करों का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मिला। जिसमें सीएम ने मांगों को मानने से इनकार कर दिया।
‘हम 24 घंटे काम करती हैं’
सचिव नीलम ने कहा कि सीएम ने प्रतिनिधिमंडल से कहा कि वह भी 24 घंटे काम करते हैं और भूखे हैं। इस टिप्पणी से वर्करों में मुख्यमंत्री के प्रति रोष है। उन्होंने कहा कि पहली बार धरना नहीं हो रहा है। इससे पहले भी वर्कर्स एकत्रित हो चुकी हैं। और मांगें सीएम तक पहुंचा चुकी हैं।
उनकी मांगों पर ध्यान न देने की बजाये उनसे अभद्रता की जा रही है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार द्वारा समय रहते उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो वर्कर अनिश्चितकालीन हड़ताल के लिए बाध्य हाेंगी। प्रदर्शन के दौरान जिला प्रधान मीना, सीटू के जिला सचिव विनोद त्यागी, सुरेंद्र डोगरा, सोमनाथ, परवेश, विरेंद्र राणा, रोशन लाल, जोत सिंह, राज कुमार और बलदीप सिंह ने संबोधित किया।
प्रदर्शन में आशा, मालती, सीता, ओमी, ममता, पिंकी, सोनिया, रीटा, किरण, मितलेश, मधु, प्रवीण, सीमा, हरवंशो, कृष्णा, वीना, ममता, सुनीता, सरीता, कोमल, डिंपल, कोयल, डिंपल और समेत काफी संख्या में वर्कर्स शामिल हुईं।
-ये है मुख्य मांगें:
-यूनियन के नेतृत्व के साथ अभद्रता पर खेद प्रकट किया जाए।
-स्वास्थ्य विभाग का स्थाई कर्मचारी घोषित किया जाए।
-सरकार वर्करों का न्यूनतम वेतन 8100 रुपये प्रतिमास फिक्स करे।
-वर्करों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जाए।
-प्रसूति पर मिलने वाली प्रोत्साहन राशि की कटौती बहाल की जाए।
-पीएचसी, सीएचसी में स्वास्थ्य उपकरणों, डाक्टरों, नर्सों व दवाइयाें का पूरा प्रबंध किया जाए।