संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। बैंक कॉलोनी में संदिग्ध बुखार के बाद 14 वर्षीय किशोरी की मौत हो गई। परिजनों ने कांसापुर स्थित निजी क्लीनिक के चिकित्सक पर इलाज के नाम पर कई दिन गुमराह करने का आरोप लगाया। आरोप है कि चिकित्सक की लापरवाही से बच्ची की तबीयत बिगड़ती गई। इसके बाद 22 नवंबर को बच्ची ने दम तोड़ दिया।
मामले में परिजनों ने वीरवार को जिला सचिवालय पहुंचकर रोष जताया। साथ ही चिकित्सक पर कार्रवाई की मांग के लिए एसपी कमलदीप को शिकायत दी। एसपी ने उन्हें उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। बैंक कॉलोनी निवासी राजेश कुमार ने एसपी को दी शिकायत मेें बताया कि उनकी 14 वर्षीय बेटी अनुष्का को 19 नवंबर को बुखार हुआ था। उसे दवा दिलाने के लिए शाम करीब छह बजे कांसापुर स्थित निजी क्लीनिक ले गए थे। राजेश का आरोप है कि क्लीनिक के चिकित्सक ने बिना किसी जांच के बेटी को भर्ती कर लिया और ग्लूकोज की बोतल व इंजेक्शन लगाकर घर भेज दिया। ऐसा ही चिकित्सक ने अगले तीन दिन किया। हर बार पूछने पर चिकित्सक ने कहा कि बच्ची की तबीयत में सुधार हो रहा है, पर 22 नवंबर की सुबह अनुष्का की हालत अचानक ज्यादा बिगड़ गई। उसे लगातार उल्टियां होने लगी। परिवार के लोग परेशान होकर अनुष्का को एक निजी अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सक ने उन्हें बेटी को चंडीगढ़ पीजीआई जाने की सलाह दी।
इस पर अनुष्का को चंडीगढ़ पीजीआई ले जा रहे थे, पर रास्ते में उसकी हालत ज्यादा बिगड़ने पर मुलाना (अंबाला) के निजी अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने बेटी को मृत घोषित कर दिया। राजेश ने बताया कि बेटी की मौत के बाद जब कांसापुर स्थित क्लीनिक के चिकित्सक के पास जाकर बेटी की मौत का कारण पूछा तो वह बदतमीजी कर गालियां देने लगा। बाद में एक अन्य चिकित्सक के टेस्ट में सामने आया कि बेटी को पीलिया या डेंगू था। राजेश का आरोप है कि क्लीनिक का चिकित्सक बेटी को मामूली बुखार बताकर इलाज करता रहा। अगर वह गुमराह न करता और बेटी को समय रहते सही उपचार मिलता तो उसकी जान बच सकती थी। इसलिए मामले में क्लीनिक के चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग है। इस संबंध में एसपी को शिकायत दी है।