चंडीगढ़ से चार दिन पहले आई 16 साल की किशोरी बिन ब्याहे मां बनी है। सोमवार को उसने निजी अस्पताल में एक बच्ची को जन्म दिया है। अस्पताल प्रबंधन की सूचना पर महिला थाना पुलिस, चाइल्ड वेलफेयर कमेटी व चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम मौके पर पहुंची। उन्होंने जच्चा-बच्चा का हाल जाना। साथ ही किशोरी व उसकी मां के बयान लिए। मामले में पीड़िता की मां ने ननद के बेटे पर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। पुलिस केस दर्ज कर जांच कर रही है।
उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के एक गांव निवासी किशोरी की मां ने पुलिस को बताया कि वह लोगों के घरों में साफ सफाई का काम करती है। उसकी चार लड़कियां व एक लड़का है। करीब चार साल से वह चंडीगढ़ में रह रहे हैं, जहां उनकी ननद भी 25 साल से रहती है। बताया कि गत वर्ष लॉकडाउन के दौरान उनकी ननद परिवार सहित गांव चली गई थी, जबकि उसकी ननद का लड़का उनके पास ही रहने लगा था। कुछ दिनों बाद वह अपनी दो बेटियों को लेकर यूपी अपने गांव चली गई थी, जबकि दो बेटियां चंडीगढ़ में ही रह रही थी। उनकी ननद का 20 वर्षीय बेटा भी साथ में रह रहा था। लॉकडाउन के कारण उन्होंने एक ही कमरा किराए पर लिया हुआ था। एक महीना पहले वह गांव से वापस चंडीगढ़ लौटी। पांच अगस्त को उसकी 16 वर्षीय छोटी बेटी काम के सिलसिले में यमुनानगर आई। इस दौरान उसे पेट में दर्द हुआ। उसका मकान मालिक उसकी बेटी को दवाई के लिए अस्पताल लेकर गया, जहां उसे बेटी के गर्भवती होने का पता चला। इसके बाद निजी अस्पताल में उसकी बेटी ने एक बच्ची को जन्म दिया। सूचना मिलने पर वह भी यहां पहुंची। जब उसने बेटी से पूछा तो उसने बताया कि बुआ का लड़का उसके साथ कई महीनों से गलत काम कर रहा था। उधर, बिना ब्याही किशोरी के मां बनने की सूचना पर सीडब्ल्यूसी और चाइल्ड हेल्पलाइन की निदेशिका अंजू वाजपेयी टीम के साथ मौके पर पहुंची और जांच की। उन्होंने मामले में पीड़िता व उसकी मां से भी बातचीत की।
वर्जन
महिला थाना प्रभारी शीलावंती का कहना है कि मामले में छह पोक्सो एक्ट के तहत जीरो एफआईआर दर्ज की गई है। मामला चंडीगढ़ क्षेत्र का है, इसलिए केस चंडीगढ़ पुलिस को ट्रांसफर कर दिया गया है। मामले में आगामी कार्रवाई चंडीगढ़ पुलिस करेगी।