यमुनानगर। करेड़ा खुर्द राजकीय उच्च विद्यालय के अध्यापकों द्वारा चार गांव में स्कूल दाखिला से वंचित रह गए बच्चों का सर्वेक्षण किया जा रहा है। यह कार्य मुख्याध्यापक विपिन कुमार मिश्रा के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। इसे लिए अध्यापकों की टीमें करेड़ा खुर्द, बाग का माजरा, बीच का माजरा, मिस्री का माजरा गांवों के अंतर्गत पड़ने वाली फैक्ट्रियों के मजदूरों की बस्तियों में सर्वेक्षण कर रही हैं।
बुधवार को हिंदी प्राध्यापक अरुण कुमार कैहरबा, मौलिक मुख्याध्यापक विष्णु दत्त और एलए रवि कुमार ने बाग का माजरा और बीच का माजरा में सर्वेक्षण किया। पंजाबी शिक्षिका सुखविंद्र कौर व संस्कृत अध्यापिका रजनी शास्त्री ने करेड़ा खुर्द में सर्वेक्षण किया। अध्यापक घर घर जाकर स्कूल से बाहर बच्चों की जानकारी जुटा रहे हैं। हिंदी प्राध्यापक अरुण कुमार कैहरबा ने सर्वेक्षण के दौरान ग्रामीणों से कहा कि शिक्षा अनमोल धन है। आज हमें ऐसी शिक्षा की जरूरत है, जो हमें विवेकशील और संवेदनशील बनाए। शिक्षा का मकसद केवल अक्षर ज्ञान हासिल करना ही नहीं है। शिक्षा हमें हमारे आसपास के परिवेश के बारे में सजग बनाती है। उन्होंने शिक्षा से दूर रह रहे बच्चों के बारे में भी सोचने का आह्वान करते हुए कहा कि सभी बच्चे स्कूल में आएं और अच्छी शिक्षा पाएं, यह सब की जिम्मेदारी है।