जगाधरी। जिले के स्कूलों में विद्यार्थियों को पीने का साफ पानी तक नहीं मिल पा रहा है। हालात ऐसे हैं कि जिले के 90 स्कूलों के विद्यार्थी दूषित जल पीने को मजबूर हैं। इसका खुलासा जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग ने राजकीय विद्यालयों में पानी के नमूने लिए गए थे।
स्कूलों में स्वच्छ पेयजल का मुद्दा दिशा की बैठक में कुरुक्षेत्र सांसद नवीन जिंदल व अंबाला सांसद वरुण मुलाना के समक्ष उठाया गया था। वहीं मुख्यमंत्री ने प्रदेश भर के स्कूलों में अभियान चलाकर पेयजल शुद्धता की जांच के आदेश दिए थे।
इसके तहत विभाग की ओर से जिले के कुल 382 विद्यालयों से पानी के सैंपल लिए थे। इसमें से 292 सैंपल सही पाए गए, लेकिन 90 नमूने असुरक्षित मिले। विभाग की रिपोर्ट में खुलासा होने के बाद शिक्षा विभाग ने सभी मुखियाओं को अपने स्तर पर सैंपलिंग करवाकर रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं। संवाद
विद्यालयों की कमियों से फेल हुए सैंपल : दिनेश
जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के एक्सईएन दिनेश गाबा ने बताया कि पानी के नमूने फेल होने के कारण स्कूलों की लापरवाही है। उन्होंने कहा कि विभाग की सप्लाई सुबह पांच से आठ बजे तक होती है। स्कूलों से सैंपलिंग दस बजे के बाद लिए गए हैं। स्कूलों में लगी टंकियों की नियमित सफाई न होना, भंडारण का उचित प्रबंध की कमी इसका सबसे बड़ा कारण है। इसकी रिपोर्ट विभाग की ओर से जिला शिक्षा व जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी को भेज दी गई है।
जनस्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में 90 स्कूलों के नमूने फेल होने की बात कही गई है। इसके लिए स्कूल मुखियाओं को पहले ही आदेश दिए गए थे। रिपोर्ट के बाद अपने स्तर पर स्कूलों में पानी की सैंपलिंग की जा रही है। -प्रेमलता बक्शी, जिला शिक्षा अधिकारी।
स्कूलों में पानी के सैंपल फेल होने के बारे में जानकारी मिली है। विभाग की ओर से इसकी रिपोर्ट भेजी गई है। इसके तहत अपने स्तर पर जांच की जा रही है। मुखियाओं को सैंपलिंग के साथ व्यवस्था दुरुस्त करने के आदेश दिए हैं। -अशोक राणा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।