संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। बारिश से धान में नमी बढ़ने से अनाज मंडियों में किसानों की परेशानी बढ़ गई है। किसानों का आरोप है कि नमी का हवाला देकर आढ़ती प्रति क्विंटल 25 रुपये तक की कटौती कर रहे हैं। मंडियों में धान सुखाने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिलने के कारण किसान मजबूरी में कटौती करवाकर फसल बेचने को तैयार हो रहे हैं।
सरकारी खरीद के लिए धान में नमी की अधिकतम सीमा 17 प्रतिशत निर्धारित है। भारतीय किसान यूनियन के निदेशक मंदीप सिंह रोडछप्पर ने आरोप लगाया कि मंडियों में धान सुखाने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं है। बारिश के कारण फसल में नमी बढ़ गई है। ऐसे में किसानों के सामने दो ही विकल्प रह जाते हैं।
वे धान को सुखाने के लिए कई दिन इंतजार करें या फिर कटौती सह कर फसल बेच दें। उन्होंने कहा कि किसानों की इसी मजबूरी का फायदा उठाया जा रहा है। प्रशासन को मंडियों में व्यवस्था दुरुस्त कर किसानों को राहत देनी चाहिए।
जिले की 13 अनाज मंडियों में अब तक 1,72,648 मीट्रिक टन धान की आवक हो चुकी है। इसमें से 1,43,863 मीट्रिक टन धान खरीदा जा चुका है।
कट लगाने के आदेश नहीं : नितिश सिंगला
जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक नितिश सिंगला का कहना है कि सरकार ने 17 प्रतिशत नमी तक वाला धान खरीदने के आदेश दिए हैं। किसी भी आढ़ती को किसानों की फसल पर कटौती लगाने के निर्देश नहीं हैं। यदि कोई आढ़ती ऐसा कर रहा है तो किसान इसकी शिकायत विभाग से करें। शिकायत मिलने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।