संवाद न्यूज एजेंसी
छछरौली। घाड़ क्षेत्र में बसों की कमी को लेकर छात्रों ने छछरौली बस अड्डे पर रोष प्रकट किया। छात्रों का कहना है कि घाड़ क्षेत्र में बसों की संख्या बहुत कम है। इसकी वजह से छात्रों को कई घंटे बस स्टैंड पर खड़े होकर इंतजार करना पड़ता है। बसों की कमी के कारण ही बच्चे खिड़कियों पर लटककर सफर कर रहे हैं।
छात्रों का कहना है कि बस से गिरकर कई बार छात्रों की जान भी जा चुकी है, उसके बावजूद भी प्रशासन समस्या की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा है। छात्र मुनव्वर, जहीर खान, असजद, विकास, मलकीत, सुनील, अभिषेक, दिलशाद, हिमांशू, साहिल, शुभम, राजेश रानी, कोमल, प्रीती व सुनीता ने जानकारी देते हुए बताया कि छछरौली से लेदी, डारपुर, मोहिद्दीनपुर, सलेमपुर कोही की तरफ जाने वाले रूटों पर बसों की संख्या बहुत कम है। इन रूटों पर लगभग चार दर्जन गांव हैं।
इस तरफ से रोजाना हजारों की संख्या में छात्र छछरौली शिक्षण संस्थानों में पढ़ने के लिए आते हैं। इन रूटों पर सिर्फ तीन बसें चल रही हैं जो कि स्कूल के समय पर नहीं आती। जबकि इस तरफ कम से कम 6 बसें लगी होनी चाहिए। छात्रों का कहना है कि बसों की कमी के चलते बसें पूरी भर जाती हैं स्कूल के छात्र खिड़कियों पर लटककर सफर करने को मजबूर हैं। बस की खिड़की पर लटक रहे छात्र पहले भी कई बार हादसे का शिकार हो चुके हैं।
करीब 3 साल पहले दादूपुर जाटान निवासी एक युवक बस से नीचे गिरने से मौत हो गई थी। इसी तरह कोट गांव निवासी एक छात्रा जो कि छछरौली महाविद्यालय में शिक्षा ग्रहण करने आती थी। वह भी बस की खिड़की से नीचे गिर गई थी। जिसके ऊपर से बस का टायर चल गया था। उसकी भी उपचार के दौरान पीजीआई में मौत हो गई थी। छात्रों का कहना है कि विभाग ने अगर उनकी समस्या का समाधान नहीं किया तो वह बस स्टैंड पर दरी बिछाकर विभाग के खिलाफ रोष प्रकट करेंगे।