संवाद न्यूज एजेंसी
छछरौली। खानूवाला गांव के ग्रामीणों के घरों से सोम नदी का पानी उतर गया है। लेकिन पानी के साथ बहकर आई मिट्टी और गाद रास्तों व घरों के आंगन में जम गई हैस जिसे ग्रामीण अब बाहर निकाल रहे हैं।
बाढ़ के कारण सबसे ज्यादा समस्या मवेशियों को लेकर पैदा हो गई है। मवेशियों के लिए खेतों में लगा हरा चारा व गांव में रखा सूखा चारा सब बर्बाद हो गया है। ऐसे में अब रिश्तेदार व आसपास के ग्रामीणों ने मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाया है। जब से सोम नदी के जलस्तर बढ़ने के बाद खानूवाला में बाढ़ आई। इससे ग्रामीणों की नींद भी उड़ गई है।
ग्रामीण गगनदीप ने बताया कि गांव वाले रात को चैन की नींद भी नहीं सो पाते हर समय फिर से बाढ़ आने का डर सताए रहता है। इसके अलावा टूटी पटरी का काम अभी पूरा भी नहीं हुआ है, अगर दोबारा से बाढ़ आई तो सीधा उनके घरों तक पहुंच जाएगा। ऐसे में ग्रामीण अपने स्तर पर रात के समय नदी की लगातार निगरानी रख रहे हैं।
गांव में दो बार आई बाढ़ के कारण खानूवाला के कई ग्रामीणों ने अपने रिश्तेदारों के यहां शरण ली हुई है। सिंचाई विभाग के एसडीओ सहदेव का कहना है जिस जगह सोम नदी की पटरी टूटी थी। वह लगभग 400 मीटर के करीब है। मशीनें, और मजदूर लगी हैं। जल्द काम पूरा हो जाएगा।