रादौर। जेएमआईईटीआई इंजीनियरिंग कॉलेज में वीरवार को विद्यार्थियों के तकनीकी ज्ञान को बढ़ाने के उद्देश्य से जियोटेक्निकल एक्सप्लोरेशन विषय पर विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित किया गया। मुख्य वक्ता राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) कुरुक्षेत्र के सहायक प्रोफेसर डॉ. जितेंद्र सिंह यादव ने के रूप में विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण जानकारियां दीं।
डॉ. यादव ने विद्यार्थियों को भू-तकनीकी जांच की विभिन्न तकनीकों, बोरहोल जांच, मिट्टी के नमूने लेने और स्थल पर किए जाने वाले परीक्षणों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसी भी निर्माण कार्य से पहले मिट्टी की स्थिति का अध्ययन करना जरूरी है। इससे सुरक्षित और मजबूत नींव तैयार करने में मदद मिलती है।
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भू-तकनीकी जांच भवनों और अन्य सिविल इंजीनियरिंग संरचनाओं की स्थिरता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कार्यक्रम में 40 विद्यार्थियों और पांच शिक्षकों ने भाग लिया। व्याख्यान से विद्यार्थियों को भू-तकनीकी इंजीनियरिंग के व्यावहारिक पहलुओं को समझने का अवसर मिला।
सिविल इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष करण वढेरा ने इस पहल की सराहना की। वहीं संस्थान के निदेशक डॉ. विवेक शर्मा ने कहा कि विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक और उद्योग आधारित जानकारी देना जरूरी है। ऐसे कार्यक्रम तकनीकी समझ और व्यावसायिक कौशल विकसित करने में सहायक होते हैं।