संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शहर के चर्चित आरसी फर्जीवाड़ा मामले की जांच कर रही एसआईटी ने 300 वाहन मालिकों को नोटिस भेजे हैं। कुछ माह पहले भी एसआईटी ने कुछ वाहन मालिकों को नोटिस देकर उनके वाहन जब्त किए थे। ये वाहन अभी पुलिस लाइन में खड़े हैं। जिन 300 वाहन मालिकों को नोटिस भेजे गए हैं, उनके वाहनों को भी जब्त करने की तैयारी है। अंदेशा है कि इन वाहनों की आरसी भी फर्जी दस्तावेजों पर बनी है।
पुलिस के अनुसार उन वाहन मालिकों को नोटिस दिए जा रहे हैं। जिनके नाम फर्जीवाड़े में सामने आ रहे हैं। उन एजेंसियों को भी बुलाया जाएगा, जिन्होंने वाहनों को आगे बेचा है। आरसी फर्जीवाड़ा के बाद पुलिस लगातार जांच कर रही है। पुलिस ने कुछ माह पहले 500 वाहन मालिकों को नोटिस भेज उन्हें जब्त किया था।
फर्जीवाड़ा में इन वाहनों के आरसी फर्जी पाई गई थी। जिससे फर्जी दस्तावेजों पर बनी आरसी के वाहन मालिकों की परेशानी बढ़ी हुई है। अब पुलिस ने तीन सौ वाहन मालिकों को नोटिस भेजा है। जिसके बाद उनमें हड़कंप मचा है।
अब वह अपनी गाड़ी वापस लेने के लिए पुलिस के पास जा रहे हैं, लेकिन वहां से भी उन्हें कोई ठोस जवाब नहीं मिल रहा है। जो वाहन पहले से पुलिस लाइन में खड़े है। अब वे कंडम होने की स्थिति में है।
एसआईटी के सदस्य शहर थाना प्रभारी सुखबीर सिंह का कहना है कि उन वाहन मालिकों को नोटिस दिए जा रहे हैं। जिनके नाम आरसी फर्जीवाड़े में सामने आ रहे हैं। उन एजेसियों को भी बुलाया जाएगा। जिन्होंने वाहनों को आगे बेचा है। जब तक जांच पूरी नहीं होगी। इन वाहनों को पुलिस के कब्जे में ही रखा जाएगा।
ये है मामला
14 जनवरी को रोहतक में डीलर सुनील चितकारा को गिरफ्तार किया था। जिसके बाद आरसी फर्जीवाड़ा का पर्दाफाश हुआ। इसकी जांच जगाधरी एसडीएम कार्यालय तक पहुंची। तत्कालीन एसडीएम दर्शन कुमार ने भी जांच कराई, तो 16 फाइलें गायब मिली। जिस पर उनकी ओर से सेक्टर 17 थाने में केस दर्ज कराया गया था। इसमें कंप्यूटर ऑपरेटर अमित के साथ तीन अन्य कर्मियों पर केस दर्ज उन्हें गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि आरोपी स्टार व हैश लगाकर नंबर बदलकर आरसी में फर्जीवाड़ा करते थे। इसके बाद इसी तरह का फर्जीवाड़ा बिलासपुर एसडीएम कार्यालय में भी सामने आया था। इसमें भी कंप्यूटर आपरेटर अमित पर केस दर्ज हुआ था। बाद में स्थानीय स्तर पर एसआईटी बनी। अब तक इस मामले में अमित, एमआरसी राजेंद्र, बिलासपुर में तैनात एमआरसी संजीव व डीलर रोहतक निवासी सुनील, कृष्ण व रामनिवास को गिरफ्तार किया जा चुका है। दो एसडीएम से भी एक बार एसआईटी पूछताछ कर चुकी है।