संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। कैल से पांवटा साहिब तक नेशनल हाईवे का निर्माण कर रही एजेंसी की लापरवाही शनिवार रात कई लोगों की जान ले सकती थी। जगाधरी-व्यासपुर स्टेट हाईवे पर निर्माणाधीन हाईवे के पास पानी डालने से हुए कीचड़ पर रातभर बाइक सवार फिसल कर गिरते रहे। इन हादसों में पांच लोग घायल हो गए। वहीं बाइक क्षतिग्रस्त हो गई। घायलों को अस्पताल में पहुंचाया गया।
रातभर जब बाइकों के फिसल कर गिरने का सिलसिला नहीं थमा तो एजेंसी के कर्मचारियों ने आनन-फानन में हाईवे पर पड़े कीचड़ को साफ कराया। लोगों ने एजेंसी के कर्मचारियों पर कार्रवाई करने की मांग की है। कैल से पांवटा साहिब तक नेशनल हाईवे का निर्माण चल रहा है। जगाधरी-व्यासपुर स्टेट हाईवे पर अरनौली से पहले फ्लाईओवर बनना है।
इसके नीचे से निकलने का अस्थायी रास्ताकच्चा है, जिस पर सारा दिन धूल उड़ती रहती है। धूल पर एजेंसी की ओर से पानी का छिड़काव नहीं किया जाता। इससे सारा दिन वाहन चालक धूल फांकते रहते हैं। शनिवार देर शाम भी यहां पानी का छिड़काव इतना कर दिया कि कीचड़ हो गया।
ऐसे में रात को एक के बाद एक रात को सात बाइक सवार गिर गए। टेही गांव निवासी सरला ने बताया कि वह अस्पताल में नौकरी करती है। शनिवार रात ड्यूटी खत्म करके बेटी निधि के साथ एक्टिवा पर घर लौट रही थी। सड़क पर कीचड़ इतना ज्यादा था कि वह संभल नहीं पाए और सड़क पर गिर गए। इससे उसका सिर सड़क पर लगा। आंख से खून बहने लगा।
मां को चोट लगने के बाद बेटी निधि घबरा गई और रो-रो कर उसका हाल खराब था। उन्हें एक राहगीर की कार में अस्पताल ले जाया गया। इसी तरह व्यासपुर निवासी दीपक ने बताया कि कीचड़ में वह संभल नहीं पाए और सड़क पर गिर गए। यहां पानी का छिड़काव इतना ज्यादा कर रखा है कि किसी की भी जान जा सकती है।
वहीं कपूरी खुर्द गांव के गौरव ने बताया कि वह रात को जगाधरी से गांव में लौट रहा था। वह कीचड़ में फिसल कर सड़क पर गिर गया। नीचे गिरने पर उससे दो और बाइक टकरा गई। इस हादसे में उसकी नई एक्टिवा क्षतिग्रस्त हो गई। इसे उसने कुछ दिन पहले ही खरीदा था।
एजेंसी की लापरवाही से उसका काफी नुकसान हो गया। जब एक के बाद एक वाहन कीचड़ में गिरते गए तो एजेंसी ने आनन-फानन में कर्मचारियों को लगाया गया। कर्मचारियों कीचड़ को साफ किया। कर्मचारियों ने सुबह तक राजमार्ग की सड़क को ऐसा कर दिया गया कि जैसे वहां पर कुछ हुआ ही नहीं। रात में जहां कीचड़ ही कीचड़ था, वहां पर सुबह के समय धूल उड़ रही थी।
घायल सरला को देखती बेटी निधी। संवाद