गांव छोटाबांस की डेहा बस्ती में बुधवार को सात वर्षीय बच्ची बिजली के तारों की चपेट में आकर बुरी तरह से झुलस गई। घायल बच्ची को गंभीर अवस्था में पीजीआई चंडीगढ़ में भर्ती करवाया गया है।
गुस्साएं ग्रामीणों ने सरपंच दलीप सिंह रिंकू के नेतृत्व में बुधवार को बिजली निगम कार्यालय में प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने सरकार और बिजली निगम के विरोध में नारेबाजी की।
ग्रामीणों ने बिजली निगम रादौर के अधिकारियों को 26 जुलाई तक डेहा बस्ती छोटाबांस के ऊपर से गुजर रही बिजली के तारों को हटाने की चेतावनी दी है। गांव छोटाबांस के सरपंच दलीप सिंह रिंकू, लखबीर सिंह, संदीप, पवन, हरीचंद, किशोरलाल, जग्गी सिंह और रोशनलाल ने बताया कि गांव की डेहा बस्ती के ऊपर से 11 हजार केवी की लाइन गुजर रही है।
वर्षों से ग्रामीण बिजली निगम के अधिकारियों से इस लाइन को बस्ती के ऊपर से हटाने की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन बिजली निगम के अधिकारी ग्रामीणाें को वर्षों से झूठे आश्वासन देकर टरकाते आ रहे हैं।
बुधवार को डेहा बस्ती के जयमल की सात वर्षीय बेटी मनीषा छत पर से गुजर रही बिजली के तारों की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गई। गांव के लोगों ने कहा कि जब तक बस्ती से बिजली के तारें नहीं हटेंगे, तब तक गांव के लोग संघर्ष करते रहेंगे। आने वाले दिनों में मामले को लेकर गांव के लोग एसडीओ बिजली निगम रादौर और जेई का घेराव भी करेंगे। इसके बावजूद यदि बिजली की लाइनें नहीं हटाई गई तो गांव छोटाबांस के लोग विधानसभा चुनाव में मतदान का बहिष्कार कर अपना विरोध प्रकट करेंगे।
मौके पर आए बिजली निगम रादौर के एसडीओ भूपेंद्र सिंह ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि डेहा बस्ती के ऊपर से गुजर रही बिजली के तारों को हटाने के लिए आज ही एस्टिमेट बनवाकर उच्चाधिकारियों के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। जल्द ही मंजूरी मिलने पर लाइनों को हटा दिया जाएगा।