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Yamuna Nagar News: सरस्वती शुगर मिल बंद, लक्ष्य तो दूर, पिछले साल से भी कम रही गन्ना पेराई

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यमुनानगर। सरस्वती शुगर मिल शुक्रवार सुबह बंद कर दी गई। कारण कि शुगर मिल को चलाने के लिए कई दिनों से गन्ना नहीं मिल रहा था। ऐसे में कम गन्ना आने की वजह से शुगर मिल को समय से पहले ही बंद करना पड़ा।
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शुगर मिल को बंद करने के लिए मैनेजमेंट की तरफ से पहले 31 मार्च तक का नोटिस किसानों को दिया गया था। बाद में इसे बढ़ाकर पांच अप्रैल किया गया था। 157 दिनों तक चली शुगर मिल में इस बार केवल 146 लाख 63 हजार क्विंटल गन्ने की ही पेराई हो सकी, जो कि इस साल के टारगेट के आसपास होना तो दूर, पिछले साल से भी 20 लाख 27 हजार क्विंटल कम है। शुगर मिल में गन्ने की पेरोई कम होना बेहद चिंता का विषय माना जा रहा है।
सरस्वती शुगर मिल में वर्ष 2022-23 में कुल 166 लाख 36 हजार क्विंटल गन्ना की पेराई की गई थी, जबकि इस साल शुगर मिल मैनेजमेंट ने 175 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई का लक्ष्य रखा था। पेराई अधिक से अधिक हो इसके लिए मैनेजमेंट ने इस बार शुगर मिल को गत वर्ष से सात दिन पहले ही चला दिया था। शुगर मिल में 31 अक्तूबर को ही गन्ने की पेराई शुरू हो गई थी। पिछले साल शुगर मिल जहां 182 दिन चलाई गई थी, वहीं इस बार केवल 157 दिन ही चल पाई, जो इस बार 25 दिन कम रहा।
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दरअसल, शुगर मिल में 15 मार्च से ही गन्ने की आवक बहुत कम हो गई थी। मिल द्वारा बनाए गए 45 खरीद केंद्रों पर गन्ना न के बराबर ही पहुंच रहा था। यही वजह है कि मैनेजमेंट ने 16 मार्च को ही शुगर मिल की एक यूनिट को बंद कर दिया था। सरस्वती शुगर मिल की रोजाना एक लाख क्विंटल गन्ना पेराई करने की क्षमता है परंतु काफी दिनों से 50 हजार क्विंटल गन्ना भी मिल को नहीं मिल रहा था।
ज्ञात हो कि यमुनानगर के अलावा कुरुक्षेत्र और अंबाला जिले के करीब 22 हजार किसान सरस्वती शुगर मिल में गन्ना डालते हैं। बताया जा रहा है कि इस समय कई गांवों में जो गन्ना खेतों में खड़ा है उसे किसानों ने बिजाई या फिर कोल्हू, क्रशरों में डालने के लिए रोका हुआ है।

बाढ़ से काफी नुकसान हुआ था : डीपी सिंह
सरस्वती शुगर मिल के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (केन) डीपी सिंह ने बताया कि सीजन 2023-24 में शुगर मिल में केवल 146 लाख 63 हजार क्विंटल गन्ने की ही पेराई हो सकी। यह पेराई पिछले साल से भी कम है। शुगर मिल का समय से पहले बंद हो जाना हमारे लिए चिंता की बात है। पिछले साल जुलाई माह में आई बाढ़ से गन्ने को काफी नुकसान हुआ था। इससे गन्ने की पैदावार काफी कम रही। यही कारण है कि मिल में काफी दिनों से गन्ना कम आ रहा था, इसलिए शुगर मिल को बंद करने का निर्णय लिया गया।
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