साढौरा (यमुनानगर)। साढौरा खंड के रतौली गांव में शुक्रवार की सुबह मिट्टी की ढांग गिरने से आठ लोग उसमें दब गए। इसमें चार महिलाएं, एक पुरुष और नाबालिग बच्चे शामिल हैं। हादसे में दो महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि छह अन्य घायल हो गए। मृतकों की पहचान गांव की सतारा (52) और नसरीना (28) के तौर पर हुई। घायलों में परवेज (14), अफसाना (35), मंजूर हसन (32), मंजूर हसन की पत्नी सलमा (29), इनकी छह साल की बेटी मुस्कान और मंजूर हसन की बहन सूफी (17) शामिल हैं। घायलों में शामिल नसरीना के बेटे परवेज की हालत गंभीर है।
रमजान के रोजे चल रहे हैं। साथ ही 11 मार्च को ईद की तैयारियों में भी मुस्लिम समुदाय के लोग जुट गए हैं। रतौली गांव में मुस्लिम समुदाय के कुछ लोग कच्चे घरों में रहते हैं, जो ईद के लिए घरों की साफ-सफाई में जुटे हैं। घरों की लिपाई के लिए शुक्रवार को ग्रामीण गांव से करीब 150 मीटर दूर ढांग पर चिकनी मिट्टी लेने के लिए गए थे। मौके पर ग्रामीण एक साथ मिट्टी को खोद रहे थे, तभी मिट्टी के ढांग का बड़ा हिस्सा ग्रामीणों के ऊपर गिर गया और आठ लोग इसकी चपेट में आ गए। मिट्टी की ढांग गिरने और चीख पुकार की आवाज सुनकर आसपास बने घरों में रहने वाले ग्रामीण और खेतों में काम कर रहे किसान तुरंत भाग कर मौके पर पहुंचे। वहीं कुछ ने गांव में जाकर अन्य ग्रामीणों को घटना की सूचना दी। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। लोगों ने मशक्कत के बाद मिट्टी में दबे लोगों को बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें साढौरा सीएचसी सेंटर पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने महिला सतारा और नसरीना को मृत घोषित कर दिया। जबकि अन्य सभी को उपचार के लिए यमुनानगर ट्राॅमा सेंटर लाया गया। परवेज की गंभीर हालत को देखते हुए उसे चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया है, जबकि अन्य घायलों का ट्रॉमा सेंटर में ही उपचार चल रहा है। उधर, हादसे की सूचना मिलते ही डीएसपी कंवलजीत सिंह, साढौरा थाना पुलिस के एसएचओ अनिल कुमार ने घटनास्थल पर पहुंच कर जायजा लिया।
2020 में भी इसी गांव में मिट्टी की ढांग ढहने से दो मनरेगा मजदूर घायल हुए थे
उल्लेखनीय गांव रतौली में पंचायती जमीन पर ही 20 मई 2020 को मनरेगा के तहत मिट्टी की ढांग खोदकर ट्रालियों में मिट्टी भरने का काम किया जा रहा था। उस समय भी अचानक से ढांग ढहने से दो मजदूर सलीम व इमरान मिट्टी के नीचे दब गए थे। गनीमत रही कि वहां मौजूद अन्य मजदूरों ने उन्हें तत्परता दिखाते हुए मिट्टी के नीचे से निकाल लिया था। बाद में दोनों घायलों को पहले साढौरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फिर जगाधरी के सरकारी अस्पताल में उपचार दिलाया गया था।
मिट्टी की ढांग गिरने से दो महिलाओं की मौत हो चुकी है, जबकि एक की हालत गंभीर है, जिसे पीजीआई रेफर कर दिया गया है। पांच अन्य घायलों को ट्रामा सेंटर में उपचार दिया जा रहा है। पुलिस ने मृतकों के परिजनों के बयान दर्ज कर लिए हैं। मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
-कंवलजीत सिंह, हेड क्वार्टर डीएसपी, यमुनानगर।