संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। मां यमुना बचाओ समिति की प्रदेश प्रभारी रक्षा मित्तल व जिला प्रभारी सुमन लता के नेतृत्व में सोमवार को सदस्य डीसी से मिले। प्रतिनिधियों ने यमुना नहर व नदी गिर रहे नाले बंद करने समेत कई अन्य मांगों को लेकर पर प्रधानमंत्री के नाम डीसी को ज्ञापन सौंपा।
उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष महेंद्र मित्तल व कार्यकारी अध्यक्ष संजय मित्तल कहा कि संगठन करीब 30 साल से व्यापारिक व सामाजिक समस्याओं पर सरकार व जनता के बीच कड़ी का काम कर रहा है। आज हम पाश्चात्य संस्कृति की चकाचौंध में अपनी संस्कृति को भूलते जा रहे हैं। नदियों का महत्व भूल गए हैं। हमारी संस्कृति में नदियों को मां कहा जाता है। हम अपनी मां पर अत्याचार कर रहे हैं। मां यमुना भगवान कृष्ण की आठवीं पटरानी कादंबिनी का दूसरा नाम है।
मथुरा में जो यमुना मइया जा रही हैं, वह यही हैं। जागरूकता न होने के कारण हमने मां यमुना को हानि पहुंचा रहे हैं। हमारा राष्ट्र भू-संपदाओं का राष्ट्र है। कोयला, नदियां, वृक्ष, लोह अयस्क भू-संपदाओं का अपार भंडार है। उन्होंने कहा कि हमारे नेता और मंत्री भी यमुना की सफाई को लेकर मौन हैं। यमुना नहर कापानी बहुत गंदा हो गया है। यमुना जल का आचमन भी नहीं कर सकते हैं। इस दौरान समिति ने 21 सूत्रीय मांग का ज्ञापन सौंपा। इस दौरान अरुणा कौशिक, इंदु गुप्ता, अनुराधा शर्मा, रजनी देवी, गुरविंद्र कौर, दीपककपूर, संदीप गांधी, विजय अग्रवाल, चेतन भिक्षु, रमनप्रित, नीरज अरोड़ा, वीरेंद्रगुप्ता सहित अन्य उपस्थित रहे।