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Yamuna Nagar News: बारिश और ओले गिरने से अनाज मंडियों में भीगा धान

Tue, 07 Oct 2025 01:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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जगाधरी अनाज मंडी में बारिश के पानी में भीगी धान की बोरियां। संवाद
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कई जगह खेतों में बिछी फसल, भवानीपुर में ट्रांसफार्मर पोल सहित गिरा, बिजली रही गुल
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले में सोमवार को हुई बारिश और रविवार रात काफी देर तक आंधी चली व ओलावृष्टि हुई। बारिश से अनाज मंडियों में खुले में पड़ा धान भीग गया। जो धान सड़कों पर सुखाने के लिए डाला गया था, वह पानी में बहता नजर आया। बारिश ने किसानों को काफी नुकसान पहुंचाया है।
इस बारिश ने एक बार फिर अनाज मंडियों में धान खरीद की तैयारियों की पोल खोल कर रख दी। मंडियों में खुले में पड़े धान को बारिश से बचाने के लिए किसानों को तिरपाल तक नहीं मिली, जो तिरपाल थी वह भी कम पड़ गई। अनाज मंडियों में अभी तक 120205 मीट्रिक टन धान खरीदा जा चुका है।
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मौसम ने सोमवार दोपहर अचानक करवट ले ली। काले बादल उमड़ आए और मूसलाधार बारिश होने लगी। बारिश के आते ही मंडियों में देखते ही देखते खुले में पड़ा धान पानी में भीगने लगा। मजदूरों ने थोड़ा धान तो समय रहते ढक दिया था, लेकिन पर्याप्त तिरपाल न होने से बाकी का धान ऐसे ही खुले में भीगता रहा। जो धान तिरपाल से ढका गया था वह ऊपर से तो सूखा रहा, लेकिन जमीन पर रखा होने से वह भी बारिश के पानी से बच नहीं पाया।
उठान धीमा होना भी मंडियों में धान के भीगने की बड़ा वजह है। 120205 मीट्रिक टन में से अभी तक 67650 एमटी धान का ही उठान हो पाया है। सभी 13 मंडियों में फिलहाल 52,555 बैग पड़े हुए हैं। इसके अलावा जो धान अभी खरीदा नहीं गया है वह अलग से पड़ा है।
रविवार रात काफी देर तक आंधी चली। इससे लोगों का सामान भी उड़ कर यहां वहां पहुंच गया। घरों की छतों पर रखे पौधों के गमले तक नहीं बच पाए। देखते ही देख तेज बारिश होने लगी और ओलावृष्टि हुई। बहुत देर तक ओले गिरते रहे। रात में ओले गिरने की आवाज ऐसे सुनाई दे रही थी जैसे कोई पत्थर बरसा रहा हो। रात में तेज हवा से कई जगह धान खेतों में बिछ गया। व्यासपुर में डेहा बस्ती के पास पेड़ टूट कर ट्रांसफार्मर पर गिर गया। इसके अलावा भवानीपुर गांव में एक ट्रांसफार्मर पोल समेत नीचे गिर गया।
रात में गुल हुई बिजली दोपहर को आई
रविवार रात तेज हवा चलने से कई जगह पेड़ टूट गए। कई जगह पेड़ों की टूटी टहनियां तार पर लटक गई। इससे व्यासपुर समेत आसपास के क्षेत्र में बिजली सप्लाई रात को ही बंद हो गई। बिजली कब आएगी यह जानने के लिए लोग रातभर पावर हाउस में फोन करते रहे। इसके अलावा सोशल मीडिया पर बनाए गए बिजली निगम के ग्रुपों में भी लोग यही सवाल पूछते रहे। बिजली न होने से व्यासपुर में सुबह पानी की सप्लाई भी नहीं हो सकी। बिना पानी के लोग काफी परेशान रहे। सोमवार दोपहर को बिजली आई तो लोगों ने राहत की सांस ली।
मंडी में फसल बचाने के इंतजाम नहीं
महरमपुर गांव के किसान गुरदयाल सिंह ने बताया कि वह सोमवार सुबह करीब 27 क्विंटल धान जगाधरी अनाज मंडी में बेचने के लिए लाया था। धान को सुखाने के लिए ढेरी मंडी में सड़क पर लगाया था। सुबह के समय मंडी में 18 प्रतिशत नमी थी। दोपहर में हुई बारिश से सारा धान पानी में भीग गया। मंडी में धान को भीगने से बचाने के इंतजाम बिल्कुल भी नहीं है। धान को सुखाने में ही तीन से चार दिन लग जाएंगे।
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शेड के नीचे ले जाकर बचाया धान
गांव गधौली निवासी किसान महिंद्र सिंह ने बताया कि वह एक ट्राली में धान लेकर जगाधरी अनाज मंडी में आया था। जैसे ही गेट पास कटा तो तेज बारिश हो गई। वह तुरंत मंडी के शेड के नीचे धान लेकर गया। जिससे उसकी धान थोड़ी ही भीगी। मंडी में धान खरीद को लेकर कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं है। मंडी के शेड के नीचे धान की बोरियां रखी हुई हैं। ऐसे में किसान अपनी धान बारिश से कैसे बचाए।

जगाधरी अनाज मंडी में बारिश के पानी में भीगी धान की बोरियां। संवाद

जगाधरी अनाज मंडी में बारिश के पानी में भीगी धान की बोरियां। संवाद

जगाधरी अनाज मंडी में बारिश के पानी में भीगी धान की बोरियां। संवाद

जगाधरी अनाज मंडी में बारिश के पानी में भीगी धान की बोरियां। संवाद

जगाधरी अनाज मंडी में बारिश के पानी में भीगी धान की बोरियां। संवाद

जगाधरी अनाज मंडी में बारिश के पानी में भीगी धान की बोरियां। संवाद

जगाधरी अनाज मंडी में बारिश के पानी में भीगी धान की बोरियां। संवाद

जगाधरी अनाज मंडी में बारिश के पानी में भीगी धान की बोरियां। संवाद

जगाधरी अनाज मंडी में बारिश के पानी में भीगी धान की बोरियां। संवाद

जगाधरी अनाज मंडी में बारिश के पानी में भीगी धान की बोरियां। संवाद

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