यमुनानगर। नगर निगम का मेयर पद अनुसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित होने के बाद अब टिकट के लिए भागदौड़ तेज हो गई है। जैसे ही पद आरक्षित हुआ वह लोग जनता के बीच से गायब हो गए हैं जो चुनाव लड़ने की पूरी उम्मीद पाले हुए थे। अब उन लोगों ने अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं जो मेयर का चुनाव लड़ने के दायरे में आ गए हैं। किसी तरह मेयर का टिकट उनकी झोली में आ जाए इसके लिए चंडीगढ़ से लेकर दिल्ली तक की यात्रा की जा रही है। इसके लिए दिन देखा जा रहा है और न ही रात। जैसे ही पता चलता है कि उनके खेवनहार आज मिल जाएंगे वह गाड़ी में बैठते ही उनके दर्शन करने के लिए रवाना हो जाते हैं।
जानकारी के अनुसार नगर निगम की नई वार्ड बंदी का ड्राफ्ट फाइनल मंजूरी के लिए गया हुआ है। जल्द ही इस पर फाइनल मुहर लगने की उम्मीद है। दिसंबर माह में सरकार ने नगर निगम यमुनानगर के मेयर पद को अनुसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित कर दिया था। जब से पद रिजर्व हुआ तब से मेयर का टिकट पाने की लोगों में होड़ सी मच गई है। रोजाना एक के बाद एक नए दावेदार का जन्म हो रहा है। इस वक्त प्रदेश में भाजपा की सरकार है। इसलिए ज्यादा से ज्यादा लोग सत्ता पक्ष का टिकट पाना चाहते हैं। इसलिए पार्टी के जो नेता हैं उन्होंने शहर को अपने होर्डिंग से पाट दिया है। होर्डिंग में अपने साथ पत्नी व पुत्रवधू की फोटो भी प्रकाशित करवाई जा रही हैं। ताकि शहरवासियों के बीच अभी से उनका माहौल बनाया जा सके। क्योंकि अभी तक नेताजी की पत्नी व पुत्रवधू केवल घर का ही कामकाज संभाल रही थी। राजनीति से उनका दूर-दूर तक कोई लेना देना नहीं था। कुछ दिन तक जो यह कहते थे कि महिलाओं को तो घर ही होना चाहिए, अब वही उनकी फोटो अपने साथ होर्डिंग पर लगवा रहे हैं। होर्डिंग लगाकर लोगों को नव वर्ष, लोहड़ी, मकर सक्रांत व गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी जा रही हैं। इतना ही नहीं होर्डिंग में सरकार के मंत्रियों के फोटो भी लगाए जा रहे हैं। जिससे वह यह दिखाने का प्रयास कर रहे हैं कि उनकी पहुंच कहां तक है और उनके सिर पर किस मंत्री या नेता का हाथ है।
सोशल मीडिया पर प्रचार शुरू
नगर निकायों के चुनावों की घोषणा भले ही चुनाव आयोग ने अभी न की हो, लेकिन मेयर टिकट के दावेदारों ने सोशल मीडिया पर अपना प्रचार शुरू कर दिया है। नेता जी जिनको मेयर बनाना चाहते हैं उनकी फोटो लगे गुड मॉर्निंग, गुड नाइट व दिन मंगलमय जैसे मैसेज लोगों को भेजे जा रहे हैं। इसके लिए बकायदा एक टीम भी गठित कर दी गई है। जो लोग सोशल मीडिया पर खूब प्रचार प्रसार कर सकते हैं उन्हें अपने साथ जोड़ा जा रहा है। अपने वार्ड की गली के हिसाब से लोगों के मोबाइल नंबर लेकर व्हाट्सएप पर ग्रुप बनाए जा रहे हैं।