संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले में सरसों की सरकारी खरीद मंगलवार को भी नहीं हो सकी। किसान मंडियों में सरसों लेकर पहुंचे, लेकिन अधिकारियों ने नमी की मात्रा अधिक बताकर सरसों खरीदने से मना कर दिया। सरसों की खरीद शुरू न होने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इस बार सरसों की खरीद हैफेड नहीं बल्कि हरियाणा वेयर हाउस कॉर्पोरेशन (एचडब्ल्यूसी) करेगा। एचडब्ल्यूसी पहली बार सरसों की खरीद कर रहा है। पूरे सीजन में कितनी सरसों खरीदी जाएगी और कितना रकबा है इसका डाटा भी कॉर्पोरेशन के पास नहीं है। हर साल गेहूं व धान की खरीद जिले की 13 अनाज मंडियों में होती है। परंतु, वेयर हाउस कॉर्पोरेशन ने सरसों की खरीद के लिए रादौर व जगाधरी अनाज मंडी में ही खरीद केंद्र बनाया है।
इन दोनों मंडियों के अलावा किसी और मंडी में सरसों की खरीद नहीं की जाएगी। कॉर्पोरेशन के मुताबिक सरसाें में नमी की मात्रा 08 प्रतिशत होनी चाहिए, जबकि मंडियों में 10 प्रतिशत तक नमी वाली सरसों आ रही है। पिछले साल हैफेड ने करीब 6500 क्विंटल सरसों की खरीद की थी। मंडियों में सरकारी खरीद न होने से किसानों को अपनी सरसों प्राइवेट खरीदारों को बेचनी पड़ रही है। सरकार ने सरसों का सरकारी रेट 5950 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है, प्राइवेट खरीदार 5500 रुपये तक सरसों खरीद रहे हैं।
मजबूरी में बाहर बेच रहे उपज : संजू गुंदियाना
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष संजू गुंदियाना का कहना है कि नमी बताकर किसानों को परेशान किया जा रहा है। सरसों की कटाई 20 दिन पहले से चल रही है। किसानों ने सरसों को अच्छी तरह से सूखा कर बोरियों में भर कर रखा हुआ था। इतने दिनों में तो सरसों में नमी रहती ही नहीं है। नमी अधिक बताना सब खरीद न करने के बहाने हैं। जब सरकार नहीं खरीदेगी तो मजबूरी में कम रेट पर प्राइवेट लोगों को ही सरसों बेचनी पड़ेगी।
नमी की मात्रा अधिक : संदीप कुमार
हरियाणा वेयरहाउस कॉर्पोरेशन के रादौर मैनेजर संदीप कुमार ने बताया कि सरसों में 08 प्रतिशत से ज्यादा नमी आ रही है। इसलिए खरीद नहीं हो सकी है। एचडब्ल्यूसी पहली बार सरसों की खरीद कर रहा है। रादौर व जगाधरी मंडियों में ही खरीद की जा रही है।