संवाद न्यूज एजेंसी
रादौर। केंद्र सरकार की नई कृषि विपणन नीति का प्रदेश में किसान संगठनों ने विरोध करना शुरू कर दिया है। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष दीप राणा नंबरदार गुमथला ने कहा कि सरकार भी पंजाब सरकार की तरह यह कृषि नीति रद्द करे। सरकार यह नीति कॉर्पोरेट व औद्योगिक लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए लाई है।
इससे अनाज मंडियां बिल्कुल खत्म हो जाएंगी। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों से धोखा कर रही है। तीन कानून को नए रूप में लागू करने का प्रयास कर रही है। जिससे मजदूरों, किसानों व मंडियों का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। सरकार को मंडियों का ओर अधिक विस्तार करना चाहिए। मांग है कि मुख्यमंत्री नायब सैनी भी पंजाब की तर्ज पर इस नीति को वापस करें।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने जल्द इस समस्या का समाधान नहीं किया तो किसान आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इसी को लेकर किसान संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर 20 मार्च को कुरुक्षेत्र में मुख्यमंत्री आवास पर किसान महापंचायत होगी। उन्होंने कहा है सभी फसलों का समर्थन मूल्य तय कर खरीद गारंटी का कानून बनाया जाए।
देह श्यामलात भूमि से छेड़छाड़ न की जाए। यदि इन सभी बातों का ध्यान नहीं दिया तो जल्दी प्रदेश में बड़ा आंदोलन होगा। वहीं, जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर ने कहा कि जिले से सैकड़ों किसान महापंचायत मे शामिल होंगे। इस दौरान मंडल उपाध्यक्ष महेंद्र चमरौडी, अशोक डांगी प्रधान रादौर, साहिल सेतिया नंबरदार, मदनलाल कांजनू, विनोद डांगी, गुरनाम संधू धौलरा, पवन गोयल दामला सहित अन्य किसान मौजूद रहे।