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गलियों, नुक्कड़, चौक-चौराहों पर बांटी जाएगी प्रचार प्रसार सामग्री

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किसानों की तरह अब कर्मचारी भी लोगों के बीच पहुंचकर अपनी समस्याओं और श्रमिक कानूनों के बारे बताएंगे। इसके लिए सर्व कर्मचारी संघ टीम बनाकर सदस्यों को लोगों के बीच उतार रहा है।
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संघ के करीब छह सौ सदस्यों की इसकी ड्यूटी सौंपी गई है जो शहर ही नहीं बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी घर-घर जाकर लोगों को सरकार की नियत व नीतियों के बारे जागरूक करेंगे। इसे लेकर एसकेएस पदाधिकारियों ने बैठक कर रणनीति बनाई है। संघ के जिला सचिव गुलशन भारद्वाज ने कहा कि प्रदर्शन के बाद सरकार ने कर्मचारियों की कुछ मांगें मान ली थी और इन्हें लागू करने का आश्वासन दिया था, परंतु सवा साल बाद भी सरकार ने अपने वादों पर ध्यान नहीं दिया है। इसे लेकर कर्मचारियों में रोष है। इसके विरोध में सर्व कर्मचारी संघ फिर से सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रहा है। जिसके तहत सरकार की नियत और नीतियों के लोगों को बताया जाएगा।
गुलशन भारद्वाज ने कहा कि कई दौर की बैठक के बाद भी सरकार उनकी मानी हुई मांगें लागू नहीं कर रही है। समस्याओं का समाधान करने के बजाए नए नए कानून लाकर कर्मचारियों की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार लेबर कोड लाकर कर्मचारियों व श्रमिकों से अधिकारों के लिए आवाज उठाने का हक भी छिनना चाहती है। गुलशन भारद्वाज ने कहा कि सरकार लोगों को उलझाकर नए शोषण कानून बना रही है। इसके लिए अब सर्व कर्मचारी संघ लोगों के बीच जाएगा। संघ के तमाम सदस्य घर घर जाकर लोगों को सरकार की मंशा के बारे बताएंगे। लोगों को सरकार की नियत और नीतियों के बारे बताया जाएगा। लागू कानून व लाए जा रहे बिल के बारे आम आदमी को विस्तार से बताया जाएगा। इसके लिए हर चौक, चौराहे, नुक्कड़, गली में प्रचार सामग्री वितरित की जाएगी। कार्यालयों में आने वाले लोगों से संघ सदस्य संपर्क करेंगे। कानून व बिलों के बारे लोगों की राय लेंगे और इसके प्रति जागरूक करेंगे। गुलशन भारद्वाज ने कहा कि 12 दिसंबर को बड़े स्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा और लोगों को इसमें शामिल किया जाएगा।
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