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दस हजार से अधिक की आबादी, एक बस, कैसे होगा सुहाना सफर

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यमुनानगर बस अड्डे का फाइल फोटो। - फोटो : Yamuna Nagar
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यमुनानगर। यमुनानगर जिले में आबादी बढ़ती जा रही है। बढ़ती आबादी के सापेक्ष यमुनानगर रोडवेज डिपो में बसों की संख्या सिमटती जा रही है। वर्तमान में जिले की आबादी 14 लाख के आसपास पहुंच गई है। इसके सापेक्ष यमुनानगर डिपो में 130 ही बसें रह गई हैं। आबादी के हिसाब से यहां 225 बसों की जरूरत है। वर्तमान में यहां दस हजार से अधिक लोग एक बस पर निर्भर हैं। रोडवेज डिपो में जरूरत के अनुसार बसें न होने से एक तरफ यात्रियों को काफी मुश्किलें उठानी पड़ रही हैं, दूसरी तरफ इसका असर रोडवेज के राजस्व पर भी पड़ रहा है।
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डिपो में बसों की संख्या कम होने से विभाग की आमदनी कम हो रही है। विभाग के अनुसार पहले डिपो की आमदनी प्रतिदिन करीब 15 लाख रुपये होती थी। अब यह घटकर 12 लाख रुपये पर आ गई है। बसों की संख्या कम होने से आम लोगों को सफर करने में काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। इस परिदृश्य के बीच विभाग का दावा है जल्दी ही डिपो को 40 नई बसें मिल जाएंगी। नई बसें मिलने से जहां डिपो की आमदनी बढ़ेगी वहीं यात्रियों को भी राहत मिलेगी।
विभागीय अधिकारी बताते हैं एक अनुमान के अनुसार 6900 की आबादी पर एक बस की जरूरत होती है। यमुनानगर में दस हजार से अधिक आबादी एक बस पर निर्भर है। बसों की संख्या कम होने से यात्रियों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। बसों और कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने के लिए डिपो यूनियन के नेताओं की तरफ से कई बार धरना-प्रदर्शन किया जा चुका है। डिपो में बसों की संख्या के साथ-साथ कर्मचारियों की संख्या भी घट गई है। 1100 की जगह करीब 650 कर्मी ही हैं।
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कोट......
डिपो की तरफ से यात्रियों को बेहतर सुविधा दी जा रही है। जल्द ही 40 बसें मिल जाएंगी। इससे डिपो की आमदन भी बढ़ेगी और यात्रियों को राहत भी मिलेगी।
-बालक राम, महाप्रबंधक।
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