टिवनसिटी पर स्मॉग का साया लगातार जारी है और बुधवार को भी प्रदूषण का स्तर गंभीर श्रेणी में रहा। स्मॉग के चलते दिनभर अंधेरा छाया रहा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड यानि सीपीसीबी के अनुसार सुबह 11 बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक एक्यूआई 416 था। वहीं इसका अधिकतम स्तर 427 और न्यूनतम 308 दर्ज किया गया। जबकि एवरेज का स्तर 347 रहा। सीपीसीबी का पूर्वानुमान है कि वीरवार को सतह पर बहने वाली हवा की चाल की 10 व 15 किमी प्रति घंटा होगी। जबकि शुक्रवार को यह 20 तक जा सकती है। इससे प्रदूषण स्तर में कमी आ सकती है। फिर भी, गुणवत्ता बेहद खराब स्तर से गंभीर स्तर के बीच ही बनी रहेगी।
ये है पैमाना
एक्यूआई अगर 0-50 के बीच है तो उसे अच्छा माना जाता है, 51-100 के बीच संतोषजनक, 101-200 के बीच सामान्य, 201-300 के बीच खराब, 301-400 के बीच बहुत खराब और 401-500 गंभीर माना जाता है। अगर एक्यूआई 500 से ऊपर है तो उसे गंभीर और आपातकालीन श्रेणी में माना जाता है।
एक्यूआई के पांच घटक
एक्यूआई पांच मुख्य प्रदूषकों को ध्यान में रखता है। इसमें 10 माइक्रोमीटर (पीएम10) से कम व्यास वाले पदार्थ, पीएम2.5, ओजोन (ओ3), नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (एनओ2) और कार्बन मोनोऑक्साइड (सीओ)। एक्यूआई मूल्य जितना अधिक होगा, वायु प्रदूषण का स्तर उतना ही अधिक होगा और स्वास्थ्य की चिंता भी उतनी ही बढ़ जाएगी।
स्मॉग में खतरनाक गैस शामिल
-स्मॉग शब्द स्मोक और फॉग से मिल कर बना है। खतरनाक गैसों और कोहरे के मेल से स्मॉग बनता है। गाड़ियों और फैक्टरियों से निकले धुएं में मौजूद राख, सल्फर, नाइट्रोजन, कार्बन डाई ऑक्साइड और अन्य खतरनाक गैसें जब कोहरे के संपर्क में आती हैं तो स्मॉग बनता है। इसका असर कई दिनों तक हो सकता है। तेज हवा चलने या बारिश के बाद ही स्मॉग का असर खत्म होता है। जहां गर्मियों में वातावरण में पहुंचने वाला स्मोक ऊपर की ओर उठ जाता है वहीं ठंड में ऐसा नहीं हो पाता और धुंए और धुंध का एक जहरीला मिश्रण तैयार होकर सांस के साथ शरीर के अंदर पहुंचने लगता है। स्मॉग कई में बेहद खतरनाक है।
सेटेलाइट से जो तस्वीर मिलती हैं, वहां पर टीम भेजी जाती है। पराली जलाने के आरोप में अब तक सात एफआईआर दर्ज करवाई जा चुकी हैं। इसके अलावा छह लोगों के चालान भी काटे गए हैं। -डॉ. सुरेंद्र यादव, कृषि उपनिदेशक