जगाधरी। जांच के करीब आठ महीने बाद भी शहर में चल रहे प्ले-वे पर कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। जिला शिक्षा अधिकारी के नेतृत्व वाली शिक्षा विभाग की टीम ने करीब आठ महीने पहले शहर में चल रहे प्ले-वे स्कूलों का निरीक्षण किया गया था। इस दौरान सभी में कई अनियमितताएं मिली थीं। जिला शिक्षा विभाग की ओर से निरीक्षण के दौरान मिली खामियां व अनियमिताओं की रिपोर्ट बनाकर महिला एवं बाल विकास विभाग को भेज दी थी, लेकिन यह रिपोर्ट ठंडे बस्ते में चली गई है।
आठ महीने बाद भी इन प्ले-वे स्कूलों पर विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। बता दें कि अपनी जांच में तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी सुमन बहमनी ने इन पांचों प्ले-वे बंद करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की मांग की थी। इसके अलावा शहर के करीब डेढ़ दर्जन प्ले-वे स्कूल ऐसे हैं जो एक कमरे में चल रहे हैं। इन पर विभाग ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की।
जिला शिक्षा अधिकारी सुमन बहमनी, उप जिला शिक्षा अधिकारी शिव कुमार धीमान ने टीम के साथ 19 अप्रैल को जगाधरी व यमुनानगर के पांच प्ले-वे स्कूलों का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान स्कूल में जहां निजी प्रकाशकों की किताबें, नोटबुक व अन्य शैक्षणिक सामग्री बेची जा रही थी। वहीं, एक स्कूल में बच्चे कक्षा में बंद मिले थे और स्टाफ गायब था। जिसकी अधिकारियों ने फोटो व वीडियो बनाई थी। इस दौरान जगाधरी के विष्णु गार्डन स्थित बचपन स्कूल, प्रोफेसर कॉलोनी के लीटल लीजेंट मांटेसरी, प्रोफेसर कॉलोनी का शेमरॉक चाइल्डहुड, मॉडल टाउन के सेंट पीटर स्कूल और लीटल टीटन स्कूल का निरीक्षण किया। इस दौरान किसी स्कूल में सुरक्षा को लेकर कोई बंदोबस्त नहीं था। जिसके बाद पांचों स्कूलों को नोटिस जारी कर दिया गया। जिसके जवाब में स्कूलों ने कहा कि वे प्ले-वे चला रहे और शिक्षा विभाग के दायर से बाहर हैं। स्कूलों का जवाब आने पर तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी ने कार्रवाई के लिए मामला महिला एवं बाल विकास विभाग को भेज दिया। जिसमें इन प्ले-वे स्कूलों को बंद करने की सिफारिश की गई थी।
जिला परियोजना अधिकारी बलजीत कौर ने कहा कि जिले के सभी प्ले-वे स्कूलों की सूची बनाकर जांच की जा रही है। कई स्कूलों के पंजीकरण भी रोक दिए गए हैं, ताकि वे अपनी कमियां पूरी कर लें। शिक्षा विभाग की ओर से भेजे मामलों के संदर्भ में भी पांचों स्कूलों के दस्तावेजों की जांच की जा रही है। इसके अलावा सभी प्ले-वे को भी नोटिस जारी किया गया है। प्ले-वे स्कूलों की उनकी क्षमता, स्थान, पंजीकरण के आधार पर सूची तैयार की गई है। जिन स्कूलों में कमियां मिली हैं, उन्हें नोटिस देकर कमियां दूर करवाई जा रही हैं। वहीं, नियमों की अवहेलना करने वाले स्कूलों को बंद किया जाएगा।