पुलिस-प्रशासन द्वारा किसान बचाओ, मंडी बचाओ रैली में जाने से रोकने पर यमुनानगर में किसानों ने जमकर हंगामा किया। करनाल, कुरुक्षेत्र और अंबाला की तरफ जाने वाले तमाम रास्तों पर पुलिस का पहरा बैठाया गया। किसान ट्रैक्टर ट्रॉलियों में भरकर निकले तो उन्हें जगह जगह रोका गया। जिस पर किसान भड़क गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। वहीं कुछ किसान खेतों के रास्तेे होते हुए पीपली पहुंच भी गए।
जगाधरी, रादौर, छछरौली, बिलासपुर, साढौरा व सरस्वती नगर में पुलिस और किसानों के बीच तनाव दिखाई दिया। बिलासपुर में किसानों ने पुलिस के बेरिकेट्स फेंक दिए। रादौर और जठलाना में पुलिस ने त्रिवेणी चौक, भोगपुर, सांगीपुर नाका, गुमथला, औरंगाबाद व हडतान में नाके लगाकर किसानों को रैली में जाने से रोका। रादौर में मंडी चौक पर लगाये गये नाके पर खुद जिला पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल, एसडीएम सुशील कुमार, एसडीएम दर्शन सिंह, बीडीपीओ कंवरभान नरवाल भारी पुलिसबल के साथ मौजूद रहे। इस दौरान एसके रोड से गुजरने वाले वाहनों की एसपी ने खुद जांच की।
वहीं औरंगाबाद में लगाये गये पुलिस नाके को तोड़कर सैकड़ों किसान अनाजमंडी रादौर पहुंचे। वहां पहले से काफी किसान जमा थे। भारतीय किसान यूनियन प्रदेश संगठन सचिव हरपाल सुढैल ने इस दौरान शहर के मंडी चौंक पर जमा हुए सैकड़ों किसानों को शहर के त्रिवेणी चौक तक जाने की जिला पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल से मांग की। जिसके बाद पुलिस ने किसानों को त्रिवेणी चौक तक जाने की अनुमति दी।
किसानों ने लगाया जाम, तब माने अधिकारी
गुस्साये किसानों ने लगभग दो बजे त्रिवेणी चौक पर जाम लगा दिया। जिसके बाद जिला पुलिस अधीक्षक ने उच्चाधिकारियों से बात कर कुछ किसानों को पीपली अनाजमंडी जाने दिया। किसान नेता हरपाल सुढ़ल व संदीप टोपरा ने बताया कि भारतीय किसान यूनियन की ओर से सरकार को उनकी मांगें पूरी करने के लिए 14 सितंबर तक का समय दिया गया है। जिसके बाद 15 से 19 सितंबर तक प्रदेश के हर जिला मुख्यालय पर किसान यूनियन की ओर से धरना प्रदर्शन किया जायेगा। 20 सितंबर को किसान प्रदेश की सभी सड़कों पर जाम लगाएंगे। इस दौरान मनदीप , करनैल, जागीर सिंह छारी, कृष्णलाल, जरनैल झगुडी, सुंदर, सतीश, रोशन, जोगिंद्र, सीटू नंबरदार, निर्मल, मोनू, विजय, संजय गुप्ता, पूर्ण आहुजा, गुरनाम सिंह, कृष्ण कुमार, राजकुमार, विक्रम सिंह आदि मौजूद रहे।
पुलिस के वापस भेजा तो धरने पर बैठे आढ़ती
वहीं, साढौरा में अनाज मंडी से सभी आढ़ती एकजुट होकर अपनी गाड़ियों मे पीपली के लिए रवाना हुए तो पुलिस ने उन्हें भी दोसड़का चौक पर रोक लिया और वापस भेज दिया। गुस्साए आढ़ती मंडी पहुंचकर धरने पर बैठ गए। मंडी प्रधान अरुण सिंगला ने हरियाणा सरकार पर तानाशाही करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन ने उन्हें रोक लिया, यह लोकतंत्र की हत्या है और प्रदेश के आढ़ती किसानों के साथ है। इस मौके पर रसूलपुर मंडी प्रधान प्रेम, प्रवीण गर्ग, नरेश सिंगला, विपिन अग्रवाल, वेदप्रकाश राणा, राजिन्द्र राणा, इकबाल, दिव्य जैन, रणजीत सिंह, मनीष गर्ग, मुकेश गर्ग, प्रवीण गर्ग, राजकुमार अग्रवाल, विमल अग्रवाल, विनोद गुप्ता, रमेश सैनी आदि मौजूद रहे।
बिलासपुर में किसान और पुलिस आमने सामने
पुलिस ने किसानों को अनाजमंडी बिलासपुर में ही रोक दिया। जिस पर भाकियू के किसान नेता कांशीराम पीरूवाला, जसबीर चौराही, रमेश, मेम सिंह संधाए व किसान सराकर के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। मौके पर मौजूद थाना प्रभारी रवि खुडीया, रणबीर सिंह,एसए अशोक कुमार ने किसानों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन किसान पीपली रैली में जाने की जिद पर अड़े रहे और पुलिस की बात अनसुनी कर नारेबाजी करते हुए अनाजमंड़ी के गेट नंबर एक की तरफ बढ़ने लगे। एसएचओ ने एक नंबर गेट पर पुलिस बल तैनात कर गेट नंबर दो को बंद कर दिया। लगभग बीस मिनट तक किसान और पुलिस आमने सामने रहे। बाद में तहसीलदार तरूण सहोता मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाया। हालांकि कुछ किसान चोरी से मौका पाकर पीपली की तरफ निकल गए।
प्रताप नगर में किसानों को अनाजमंडी में ही घेर लिया
यहां पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए नेशनल हाइवे पर नाकेबंदी कर दी। वाहनों सहित किसानों को अनाज मंडियों में ही घेर लिया। किसानों ने नारेबाजी शुरू कर दी। किसानों के आक्रोश को देखते हुए 12 बजे किसानों को पुलिस ने पीपली की तरफ जाने की इजाजत दे दी। ब्लॉक प्रधान यशपाल वालिया, हरपाल, तेजपाल सिंह, राज कुमार सीपीओवाला, गुरविंदर सिंह, शाहपुरा, विक्रम लोपों, रणबीर, करण सिंह, बलदेव सिंह आदि सैकड़ों किसानों ने पुलिस कार्रवाई का जमकर विरोध किया।