संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शहर में बंदरों के हमलों से परेशान लोगों को अब राहत मिलने की उम्मीद जगी है। नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी ने बंदरों को पकड़ने के लिए निविदा जारी कर दी है। एजेंसी के माध्यम से बंदरों को पकड़ककलेसर नेशनल पार्क में छोड़ा जाएगा। निगम प्रशासन एक बंदर पकड़ने के लिए एजेंसी को 600 रुपये का भुगतान करेगा।
यमुनानगर और जगाधरी शहर में बंदरों की बढ़ती संख्या लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। दोनों शहरों में दो हजार से अधिक बंदर होने का अनुमान है। बंदर आए दिन राहगीरों और स्कूल जाने वाले बच्चों पर अचानक हमला कर देते हैं।
कई बार बंदरों के हमले में लोग घायल भी हो चुके हैं। यही कारण है कि लोगों ने अपने घरों की बालकनी और खिड़कियों पर लोहे की जालियां तक लगवा रखी हैं। शहर के कई क्षेत्रों में बंदरों की समस्या अधिक गंभीर बनी हुई है। जगाधरी के छोटी लाइन, जड़ौदा, खेड़ा बाजार, पत्थरवाला बाजार, गंगा नगर कॉलोनी और श्रीनगर कॉलोनी सहित कई इलाकों में बंदरों की संख्या अधिक है। वहीं यमुनानगर में जोड़ियों और जम्मू कॉलोनी क्षेत्र में भी लोग बंदरों से परेशान हैं।
लोगों का कहना है कि बंदरों के कारण घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। हर माह बंदर काटने के मामले भी सामने आते रहते हैं। लंबे समय से बंदर न पकड़े जाने से इनकी संख्या लगातार बढ़ती गई। अब निगम ने समस्या के समाधान के लिए दोबारा प्रक्रिया शुरू की है।
एजेंसी को बंदरों को पकड़ने के बाद उन्हें सुरक्षित स्थान पर छोड़ने की जिम्मेदारी दी जाएगी। निगम ने निविदा में स्पष्ट किया है कि बंदरों को पकड़ने के दौरान किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थ का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। पशु क्रूरता अधिनियम के तहत सभी नियमों का पालन करना होगा। बंदरों को पकड़ने के लिए प्रशिक्षित कर्मचारियों और सुरक्षित तरीकों का उपयोग करना अनिवार्य होगा।
शहर में जल्द ही बंदरों को पकड़ने का कार्य शुरू हो जाएगा। बंदर पकड़ने के लिए निविदा लगा रखी है। -सुमन बहमनी, मेयर, नगर निगम।