संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। छठ महापर्व को लेकर बाजारों में खूब रौनक है। इसे लेकर अभी से बाजारों में खरीदारी का दौर शुरू हो गया है। वहीं प्रशासन की ओर से पश्चिमी यमुना घाट पर जरूरी बंदोबस्त नहीं किए हैं।
छठ पर्व पर यमुना घाट पर भारी भीड़ रहती है। इस दौरान यहां से गुजरना लोगों के किला जीतने के बराबर होता है। बाड़ी माजरा पुल से चिट्टा मंदिर तक करीब तीन लाख से ज्यादा लोग पहुंचते हैं। इस दौरान महिलाएं पूजन करती हैं। ऐसे में यहां पर पीने के पानी और शौचालय की व्यवस्था होना अत्यंत आवश्यक है। प्रशासन की ओर से अभी तक इसके लिए जगह भी चिह्नित नहीं की गई है।
दूज से छठ तक बाजारों में खूब रौनक रहती है। पर्व के महत्व का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इस दिन के लिए कंपनियां अपने उत्पाद पर विभिन्न प्रकर के लुभावने व आकर्षक अवसर दे रही हैं। पूर्वी भारत का यह पर्व जिले में बड़े स्तर पर मनाया जाता है। इसके लिए पंचमी की संध्या व षष्ठी की सुबह नदी पर पहुंच कर पूजन किया जाता है। शहर में यह पर्व पश्चिमी यमुना घाट पर मनाया जाता है।
हर साल छठ पर पश्चिमी यमुना घाट पर तीन लाख से ज्यादा लोग आते हैं। यहां पर प्रशासन की ओर से अभी आवश्यक बंदोबस्त नहीं किए गए हैं। घाट पर लगे गंदगी के ढेर हटाकर निगम ने काम की इतिश्री कर दी है, लेकिन यहां पर किए जाने वाले अन्य प्रबंधों पर काम अभी तक नहीं शुरू किया गया है।
अधिकारियों ने नहीं किया घाटों का दौरा
छठ पूजा के लिए महिलाएं पानी में उतर कर सूर्य का अर्घ्य देती हैं। इसके लिए महिलाएं घाट से यमुना नहर के बीच पानी में जाती हैं। ऐसे में हादसों की संभावना बनी रहती है, जिसके लिए प्रशासन ने अभी तक कोई बंदोबस्त नहीं किया है। बंदोबस्त तो दूर प्रशासनिक अधिकारियों ने अभी घाटों का दौरा तक नहीं किया है।
टीम बनाकर घाटों की सफाई की जा रही है। त्योहार की छुट्टियों के कारण थोड़ी देरी हुई है। छठ से पहले सभी काम करवा दिए जाएंगे। मै खुद घाटों का दौरा कर तैयारियों की समीक्षा करूंगा। - अजय सिंह तोमर, आयुक्त, नगर निगम।