प्रतापनगर। हथिनीकुंड बैराज पर पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया गया अत्याधुनिक पार्क उद्घाटन से पहले ही बदहाली की तस्वीर पेश कर रहा है। करोड़ों रुपये खर्च कर तैयार की गई इस परियोजना की समुचित देखरेख नहीं होने से यहां की कई सुविधाएं क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं।
लोगों का आरोप है कि पार्क इन दिनों नशेड़ियों और युवक-युवतियों की अवांछित गतिविधियों का अड्डा बनता जा रहा है, जिससे क्षेत्र का माहौल प्रभावित हो रहा है और यहां आने वाले लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। करीब 10 एकड़ क्षेत्र में विकसित इस पार्क में आकर्षक प्रवेश द्वार, भूल-भुलैया, स्विमिंग पूल, कैंटीन, शौचालय, बैठने की व्यवस्था सहित कई आधुनिक सुविधाएं तैयार की गई थीं।
उद्देश्य था कि हथिनीकुंड बैराज घूमने आने वाले पर्यटकों को एक बेहतर पर्यटन स्थल उपलब्ध कराया जाए। लेकिन लंबे समय तक समुचित संचालन और रखरखाव नहीं होने के कारण पार्क की स्थिति लगातार खराब होती चली गई। पार्क के कई गेट, खिड़कियां और शौचालय क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। जगह-जगह शीशे टूटे पड़े हैं और झाड़ियां बदहाल व्यवस्था की गवाही दे रही हैं।
पार्क में घूमने आए नरपाल, संदीप व करनेश का कहना है कि झाड़ियों में सांप, बिच्छू और अन्य जहरीले जीव दिखाई देते हैं, जिससे यहां आने वाले लोगों के लिए खतरा बना रहता है। हथिनीकुंड बैराज पर सिंचाई विभाग के कर्मचारी नियमित रूप से तैनात रहते हैं और यहां पुलिस चौकी भी मौजूद है। इसके बावजूद पार्क की सुरक्षा व्यवस्था प्रभावी नहीं है।
आरोप है कि शाम के समय पार्क के आसपास संदिग्ध गतिविधियां बढ़ जाती हैं, जिससे परिवारों और पर्यटकों के लिए यह स्थान सुरक्षित महसूस नहीं होता। लोगों ने प्रशासन से पार्क में स्थायी सुरक्षा कर्मियों की तैनाती, क्षतिग्रस्त संपत्ति की मरम्मत, नियमित साफ-सफाई और झाड़ियों की कटाई कराने की मांग की है। सार्वजनिक धन से तैयार इस महत्वाकांक्षी परियोजना को उपेक्षा के कारण बर्बाद नहीं होने दिया जाना चाहिए। संवाद
पार्क आम जनता के लिए खुला है। पार्क में चौकीदारों की तैनाती के लिए विभाग की ओर से सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। यदि कहीं भी तोड़फोड़ या क्षति हुई है तो जल्द मरम्मत कराई जाएगी।
- विजय गर्ग, एक्सईएन, सिंचाई विभाग।
हथिनीकुंड बैराज पर बनाए गए पार्क में टूटे पड़े शौचालय। संवाद