किसान अपने धान को लेकर मंडियों में पहुंचना शुरू हो गए हैं। शुक्रवार को प्रतापनगर अनाज मंडी में 500 क्विंटल से अधिक धान पहुंचा। किसानों द्वारा धान अनाज मंडी के फड़ पर सुखाया जा रहा है। यहां पर आढ़ती भी किसानों से अनाज लेकर शेड में लगा रहे हैं। अब आढ़ती व किसान दोनों को सरकारी खरीद का इंतजार है। लेकिन मंडियों में खरीद न होने से मायूस किसान हताश होकर वापस लौट रहे हैं।
इस बार धान की खरीद 25 सितंबर को शुरू करने की बात विभाग व आढ़तियों द्वारा कही गई थी। किसानों को भी इसकी पूरी उम्मीद थी क्योंकि सही समय पर लगाए गए धान अपने सही समय पर पक कर तैयार भी हो गई। अब केवल सरकारी खरीद का इंतजार है।
किसान रामबीर व मनदीप सिंह का कहना है कि किसानों ने सरकार के नियम अनुसार सही समय पर धान की रोपाई की थी। अब फसल पक कर तैयार हैं, लेकिन सरकार उनकी फसलें खरीदने के लिए फिलहाल तैयार नजर नहीं आ रही। ऐसे में किसान अपने धान को औने-पौने दामों में प्राइवेट खरीदारों को बेचने पर मजबूर हैं। सरकारी खरीद न होने का प्राइवेट खरीदार पूरा फायदा उठा रहे हैं। धान खरीदने की तारीख घोषित न होने के कारण प्राइवेट खरीदार किसानों का जमकर शोषण करते हैं।
मार्केट कमेटी प्रतापनगर के सचिव अवतार सिंह ने बताया कि मंडी में धान की आवक होने लगी है। सरकार की तरफ से एक अक्तूबर को सरकारी खरीद करने की उम्मीद है जिसको लेकर पूरी तैयारी कर ली गई हैं। मंडी में साफ सफाई करवाई जा रही है। बिजली, पानी, टॉयलेट सब व्यवस्था पूर्ण करवा दी गई है। मंडी में किसानों को धान खरीद को लेकर कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी।