छछरौली (यमुनानगर)। खंड छछरौली के दसौरा गांव में पीलिया से पीड़ित मरीजों की संख्या 34 तक पहुंच गई है। इनमें 11 पुरुष व 13 महिलाएं हैं। वहीं तीन लोगों का उपचार लेदी के स्वामी अस्पताल में चल रहा है। गांव में पीलिया क्यों फैला स्वास्थ्य विभाग अभी तक इसका पता नहीं चला सका। इसके अलावा गांव में लगे जनस्वास्थ्य विभाग के नलकूप से लिए गए पानी के जो सैंपल लिए गए वह ठीक आए हैं। हालांकि डॉक्टर भोजन को अच्छी तरह से धोकर नहीं पकाने से पीलिया फैलने का अनुमान लगा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार दसौरा गांव में गांव में कुल 325 घर हैं जिनकी आबादी 1941 है। बीमार लोगों में अधिकतर बच्चे 3 साल से 16 साल तक की उम्र के हैं। उनका लेदी व प्रतापनगर के निजी अस्पतालों में उपचार चल रहा है। ज्यादातर में पीलिया के लक्षण पाए गए हैं। गांव में लोगों के स्वास्थ्य की जांच करने आए डॉक्टर ईशान ने बताया कि कुछ मरीजों को उल्टी, दस्त व बुखार है। उन्होंने कहा कि दूषित पेयजल पीना भी पीलिया का एक कारण हो सकता है। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 58 लोगों के स्वास्थ्य की जांच की। जिनमें से पीलिया के 34 मरीज मिले। इसके अलावा रक्त के 28 सैंपल हैपेटाइटिस- ए व ई की जांच के लिए भेजे गए हैं। वहीं पानी के 10 सैंपलों को बैक्टीरिया की जांच के लिए लैब में भेजा गया है।
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कुछ दिन से बिगड़ने लगी थी लोगों की तबीयत
तीन-चार दिन से लोगों की अचानक तबीयत बिगड़ने लगी थी। उपचार के लिए लोग निजी अस्पताल में गए। जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद उन्हें बताया था कि दूषित पेयजल इसका कारण हो सकता है। हालांकि जनस्वास्थ्य विभाग ने एक सप्ताह पहले पेयजल के जो सैंपल लैब में भेजे थे वह सही पाए गए थे। लोगों की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलते ही जनस्वास्थ्य विभाग ने एक बार फिर गांव में एक दर्जन से ज्यादा घरों से पानी के सैंपल लेकर जांच के लिए लैब में भेजे हैं। संवाद
ट्यूबवेल का पानी शुद्ध है : गुरदीप सिंह
जनस्वास्थ्य विभाग छछरौली के एसडीओ गुरदीप सिंह ने बताया कि दसौरा गांव में लगे ट्यूबवेल से एक सप्ताह पहले लिए गए पानी के सैंपल की रिपोर्ट सही आई थी। गांव से हर महीने पानी के सैंपल लिए जाते हैं। पहले कभी पानी में गड़बड़ी नहीं मिली। लोगों के बीमार होने की सूचना मिलते ही कर्मचारियों की टीम गांव में पेयजल लाइन की जांच के लिए भेजी है। पेयजल लाइन कहीं से भी लीक नहीं मिली।
पहले से ठीक है लोगों की हालत: डॉ. वागीश
सीएचसी छछरौली के एसएमओ डॉक्टर वागीश गुटैन ने बताया कि दसौरा गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लोगों की जांच की है। पीलिया के 34 मरीज मिले हैं। इन लोगों में बुखार पेट में इन्फेक्शन के साथ पीलिया के लक्षण पाए गए हैं। फिलहाल लोगों की हालत पहले से ठीक है। दूषित पेयजल पीने और भोजन को अच्छी तरह से धोकर नहीं बनाना भी पीलिया का कारण होता है।
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डॉक्टर ने पेट में इंफेक्शन बताया:
दसौरा निवासी सावित्री देवी ने बताया कि दो-तीन दिन से उसका पोता व पोती बीमार हैं। उसको पेट में दर्द, उल्टी व दस्त की शिकायत हो रही थी। बच्चों का उपचार एक निजी अस्पताल में कराया जा रहा है। डॉक्टर ने बताया कि बच्चों के पेट में इंफेक्शन है।
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तीन दिन अस्पताल में रही बेटी:
कमलेश ने बताया कि उसकी 15 साल की बेटी दो दिन से बीमार है। डॉक्टर ने उसे पीलिया बताया है। गांव में और भी काफी बच्चे बीमार हैं। बीमारी का कारण पीने का पानी बताया जा रहा है। बेटी तीन अस्पताल में भर्ती रही थी। उसकी हालत में अब सुधार है।
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सरकारी में सुविधाओं का अभाव:
मोनू ने बताया कि उसका साढ़े तीन व पांच साल का बेटा बीमार है। तीन दिन से दोनों काे अस्पताल में भर्ती कराया हुआ है। डॉक्टर ने बताया है कि बच्चों को दूषित पेयजल या किसी अन्य खाद्य सामग्री से पेट में इंफेक्शन हुआ है। गांव के अधिकतर लोग निजी अस्पतालों में उपचार करा रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में सुविधा का अभाव है।