यमुनानगर। यमुनानगर रोडवेज डिपो की बस श्रद्धालुओं को हिमाचल प्रदेश स्थित श्री रेणुकाजी के दर्शन करवाएगी। बस चलाने के लिए सर्वे पूरा कर लिया गया। बस के संचालन के लिए रूट प्लान भी तय हो चुका है। एक फरवरी से बस सर्विस भी शुरू कर दी जाएगी।
रेणुकाजी के लिए यह बस सर्विस पहली बार चलेगी। बस यमुनानगर से चलकर रात में धनौरा रूकेगी। अगले दिन वहां से बिलासपुर, कपालमोचन, साढौरा, कालाआम्ब, नाहन से होते हुए रेणुकाजी पहुंचेगी। बस के चलने से जहां यमुनानगर रोडवेज डिपो की आमदनी बढ़ेगी, वहीं यात्रियों को राहत भी मिलेगी। रेणुकाजी के दर्शन के लिए बस संचालन का निर्णय रोडवेज डिपो ने यात्रियों की मांग के मद्देनजर लिया है।
यमुनानगर डिपो की रोडवेज बसें हिमाचल प्रदेश के पौंटा साहिब, कांगड़ा, मनाली व शिमला और उत्तराखंड के देहरादून के लिए चल रही हैं। कांगड़ा, मनाली व शिमला के लिए अंबाला-चंडीगढ़ रूट और पौंटा साहिब व देहरादून के लिए वाया छछरौली-खिजराबाद बसें चल रही हैं।
गिरिपार क्षेत्र का पहला पड़ाव श्रीरेणुकाजी
हिमाचल प्रदेश में सिरमौर के गिरिपार क्षेत्र का पहला पड़ाव श्रीरेणुकाजी हैं। भगवान परशुराम की जन्मभूमि श्रीरेणुकाजी उत्तर भारत का प्रसिद्ध धार्मिक और पर्यटन स्थल है। यहीं पर श्रीरेणुकाजी झील हिमाचल प्रदेश की सबसे बड़ी प्राकृतिक झील है। यह झील लगभग तीन किमी. में फैली है। इसकी खासियत यह है कि झील का आकार किसी स्त्री जैसा नजर आता है। इसे मां रेणुका जी की प्रतिछाया भी माना जाता है। कहा जाता है कि कई बार वैज्ञानिकों ने इस झील की गहराई को मापने की कोशिश की, मगर वे इसमें सफल नहीं हो सके। यहां यह भी मान्यता है कि जब भी कोई व्यक्ति झील को तैरकर पार करने की कोशिश करता है, तो वह बीच में ही डूब जाता है। इसी झील के किनारे मां श्रीरेणुकाजी व भगवान परशुरामजी के भव्य मंदिर हैं। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पंजाब तथा हरियाणा के लोगों की इसमें अटूट श्रद्धा है।
वर्जन
हिमाचल प्रदेश स्थित श्रीरेणुकाजी के लिए बस सर्विस को शुरू किया जा रहा है। इस रूट प्लान भी तैयार कर लिया गया है। इस बस से यात्रियों को काफी राहत मिलेगी।
-बालकराम, महाप्रबंधक, रोडवेज।