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एक लाख का इनामी कुख्यात काला राणा कोर्ट में पेश, सात दिन की जगह पांच दिन का रिमांड मिला

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यमुनानगर। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने एक लाख के इनामी कुख्यात विरेंद्र प्रताप उर्फ काला राणा को शुक्रवार अदालत में पेश किया। दो साल पहले खनन कारोबारी मनोज वधवा से रंगदारी मांगने के मामले में हुई कुख्यात काला राणा की पेशी के दौरान अदालत परिसर पुलिस छावनी में तब्दील रहा।
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स्पेशल टास्क फोर्स उसे अंबाला जेल से यहां अदालत में लेकर पहुंची। यहां उसे न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी रजत वर्मा की अदालत में पेश किया गया। एसटीएफ इंचार्ज प्रवीण का कहना है कि काला राणा के लिए सात दिन का रिमांड मांगा गया था, लेकिन अदालत ने पांच दिन का रिमांड मंजूर किया। रिमांड के दौरान कुख्यात काला राणा से अन्य वारदातों को खुलासा किया जाएगा। बता दें हत्या समेत दर्जनों आपराधिक मामलों में नामजद कैंप के लक्ष्मी नगर निवासी कुख्यात विरेंद्र प्रताप उर्फ काला राणा पर हरियाणा पुलिस ने एक लाख का इनाम रखा था। कुछ दिनों पहले स्पेशल टास्क फोर्स ने इंटरपोल की मदद से उसे थाईलैंड से गिरफ्तार किया था। इसके बाद एसटीएफ उसे दिल्ली लेकर आई थी। तब से काला राणा को विभिन्न जिलों की पुलिस रिमांड पर ले रही है। शुक्रवार को कुख्यात काला राणा को साल 2020 में खनन कारोबारी मनोज वधवा से रंगदारी के मामले में अदालत में पेश किया गया।
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फोन कर रेत के घाटों में मांगी थी हिस्सेदारी-
करनाल के सेक्टर 13 निवासी मनोज वधवा ने 12 अक्तूबर 2020 को काला राणा पर रंगदारी मांगने के आरोप में केस दर्ज कराया था। वधवा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उसकी जेएसएम फूड्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है। उसकी कंपनी ने बीड, टापू, मंडोली घग्गर में रेत के घाट सरकार से लीज पर लिए थे। सात अक्तूबर 2020 की दोपहर को वह अपने दोस्त के पास सेक्टर 18 में बैठे हुए थे। तभी उनके पास अनजान नंबर से फोन आया था। फोन करने वाले ने कहा था कि वह काला राणा बोल रहा है। रेत के घाटों में से उसे हर महीने हिस्सा देना पड़ेगा। उस समय उसने घबराकर फोन काट दिया। इसके बाद फिर उसी नंबर से चार बार फोन आया। बाद में शाम को फिर उसके पास फोन आया। इसके कई दिन बाद उसने 12 अक्तबर को पुलिस को शिकायत दी थी। तब पुलिस ने काला राणा पर केस दर्ज किया था।
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कार छीनने से शुरू की थी आपराधिक वारदातों की शुरुआत
मार्च 2013 में एक व्यक्ति से कार छीनकर कुख्यात काला राणा ने अपराध की दुनिया में कदम रखा था। यह कार उसने यमुनानगर में ही छीनी थी। इसके बाद उसकी पूर्व विधायक दिलबाग सिंह के साथ रंजिश चली। काला राणा ने पूर्व विधायक के भाई राजेंद्र पर भी फायरिंग की थी। इसके बाद उसने लूट, स्नेचिंग, रंगदारी मांगने, फायरिंग करने जैसी वारदातों को अंजाम देना शुरू किया। 28 अगस्त 2020 को उसने रंगदारी न देने पर वर्कशॉप रोड स्थित श्री गणपति विजन शोरूम के संचालक रघुनाथ की हत्या करवाई थी। इससे पहले 14 अगस्त 2017 को कारोबारी विकास क्वात्रा से दस लाख की रंगदारी मांगी गई थी। इसके बाद वह एक कुख्यात बदमाश बन गया। अब तक उसपर अंबाला में चार, यमुनानगर में 19, कुरुक्षेत्र में चार और फतेहाबाद में एक केस दर्ज है। यह मामले हत्या, स्नेचिंग, लूट, हत्या के प्रयास, रंगदारी मांगने, सरकारी ड्यूटी में बाधा, फर्जीवाड़ा जैसी धाराओं में दर्ज हैं।
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