संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। खिलाड़ियों को अपना डोप टेस्ट करवाना चाहिए। डोप टेस्ट न करवाना एक अपराध है। डोप टेस्ट न करवाने पर बजरंग पूनिया पर चार साल बैन बिल्कुल सही है। यह बात अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता पहलवान योगेश्वर दत्त ने कही। पद्मश्री, अर्जुन अवार्डी एवं क्रीड़ा भारती अध्यक्ष पहलवान दत्त शनिवार को जगाधरी के सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल में कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि डोप टेस्ट एक प्रक्रिया है, जिसका सभी को पालन करना चाहिए। खिलाड़ियों को स्वयं अपने डोप टेस्ट की जानकारी 15 दिन के भीतर वाडा व नाडा को देनी चाहिए। डोप टेस्ट न करवाना एक अपराध है और इसके लिए चार साल का प्रतिबंध लगाना बिल्कुल सही है। खिलाड़ियों के विरोध से संघ की प्रतिष्ठा पर भी सवाल उठ जाता है। खिलाड़ियों को इस अपराध से बचना चाहिए।
योगेश्वर ने बढ़ती नशा प्रवृत्ति की खिलाफत और इसे रोकने के लिए सभी भागीदारी का पैरवी की। उन्होंने बच्चों व युवाओं को नशा प्रवृत्ति से दूर रखने के लिए अभिभावकों, अध्यापकों, संस्थान संचालकों, समाजसेवियों सहित सभी की बनती है। हमें अपनी पीढ़ी को इससे दूर रखना होगा, तभी हम स्वस्थ भारत की कल्पना कर सकते हैं। मादक पदार्थों की बिक्री व तस्करी पर सरकार सख्त है और लगातार काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि बच्चों को नशे से दूर रखने के लिए माता-पिता उन्हें खेल के लिए प्रेरित करें। उनका सहयोग करें ताकि युवा नशे से दूर रहें। खेलों से युवा न केवल अपना उज्ज्वल भविष्य बना सकते हैं, बल्कि समाज और देश का नाम भी रोशन कर सकते हैं। सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है। इसके लिए विभिन्न योजनाएं व सुविधाएं दी जा रही हैं। बच्चों को खेलों में आगे बढ़ाने के लिए माता-पिता इसकी शुरुआत करें।
अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सरकार पूर्ण सहयोग दे रही है। पहले कोच व मैदान की कमी थी, लेकिन अब खेल नीति को बढ़ावा दिया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल मैदान विकसित किए गए हैं। बच्चों व युवाओं को इसका लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि खेलो इंडिया से भी सरकार खेलों को काफी बढ़ावा दे रही है। ओलंपिक, एशियाई और काॅमनवेल्थ खेलों में देश का मान बढ़ा है।