संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी की वार्डबंदी का ड्राफ्ट शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने सार्वजनिक कर दिया है। नगर निगम कार्यालय के सूचना पट्ट पर वार्डों की सीमाओं की अनुसूची चस्पा दी गई है। इसके मुताबिक कई वार्डों के क्षेत्रों में कुछ फेरबदल जरूर है, पर वार्डों की संख्या वर्तमान की तरह 22 ही है। जारी ड्राफ्ट पर दस दिन में आपत्तियां व सुझाव भी मांगे गए हैं।
पूर्व पार्षद ड्राफ्ट में जगह-जगह दी गई प्रॉपर्टी आईडी के जरिये वार्डों के क्षेत्र व सीमाओं को समझना टेड़ी खीर बता रहे हैं। साथ ही इसके सरलीकरण के लिए प्रॉपर्टी आईडी के स्थान पर मुख्य मार्गों व लैंडमार्क के नाम देने की मांग कर रहे हैं। पूर्व पार्षदो नीरज राणा, विनोद मरवाह ने कहा कि वार्डबंदी के ड्राफ्ट में जगह-जगह नई बनी प्रॉपर्टी आईडी के जरिये बताया गया है कि किस वार्ड में कौन-सा क्षेत्र शामिल है।
इस तरह वार्डों के क्षेत्र व सीमाओं को समझना आमजन तो दूर वार्डों के पूर्व पार्षद के लिए भी मुश्किल है। क्योंकि कौन-सी प्रॉपर्टी आईडी वार्ड में किस क्षेत्र की है, यह जानने के लिए हर आईडी ऑनलाइन देखनी पड़ेगी, उसमें भी ज्यादातर समय वेबसाइट साथ नहीं देती। इसके अलावा हर प्रॉपर्टी आईडी बारे नगर निगम कार्यालय से पता करना पड़ेगा। इस तरह यह प्रक्रिया जटिल होगी।
प्रॉपर्टी आईडी के स्थान पर ड्राफ्ट में वार्डों के मुख्य मार्गों व लैंडमार्क के नाम देकर वार्डों के क्षेत्र व सीमाएं परिभाषित होने चाहिएं। इससे आमजन भी ड्राफ्ट देख आसानी समझ पाएगा कि उसके वार्ड की सीमा कहां तक है और उसमें कितना क्षेत्र है। इससे लोग आपत्तियां व सुझाव भी दे पाएंगे। आपत्तियां व सुझाव देने के लिए 10 दिन कम है, जिसे बढ़ाकर कम से कम 21 दिन किया जाना चाहिए।