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एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल का स्वास्थ्य सेवाओं पर बुरा असर, टीकाकरण अभियान भी प्रभावित

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सिविल अस्पताल में सविल सर्जन कार्यालय के बाहर हड़ताल पर बैठे एनएचएम कर्मचारी। - फोटो : Yamuna Nagar
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यमुनानगर। एनएचएम कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल का असर स्वास्थ्य सेवाओं पर दिखने लगा है। हड़ताल की वजह से शहरी क्षेत्र की सभी सातों पीएचसी पर ताला लटका रहा। मरीज उपचार के लिए आते रहे और ताला लगा होने के कारण बिना उपचार के ही लौट गए। कर्मचारियों ने सिविल अस्पताल यमुनानगर में सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर धरना दिया।
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कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिससे लोग बेहाल हैं। अपने क्षेत्र में उपचार न मिलने से मरीज तीमारदारों के साथ सिविल अस्पताल जगाधरी व यमुनानगर में पहुंच रहे हैं। जिस कारण दोनों अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ गई है।
टीकाकरण भी हुआ प्रभावित
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से रोजाना गर्भवती महिलाओं को बीमारियों से बचाव के लिए टीके लगाए जाते हैं। इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्रों में भी बच्चों को टीके लगाए जाते हैं। यह कार्य एनएचएम के तहत लगी एएनएम व अन्य कर्मचारियों की मदद से ही किया जाता है। दो दिन से महिलाओं व बच्चों को टीके नहीं लग पा रहे। इसके अलावा कोविड से बचाव के लिए भी लोगों को वैक्सीन लगाई जा रही है। यह सारा काम हड़ताल की वजह से प्रभावित हो गया है। कर्मचारी नेताओं के अनुसार 510 में से 502 कर्मचारी हड़ताल पर रहे। जिनमें सीएमओ के 33 में से 31 कर्मचारी, 12 पीएचसी व सात सीएचसी का स्टाफ, 176 एएनएम, एंबुलेंस चालक व ईएमटी के 50, लैब टेक्नीशियन 50, फार्मासिस्ट 50, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी 80 व 10 एमबीबीएस डॉक्टर हड़ताल पर हैं।
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निगम कर्मचारियों से चलवानी पड़ी एंबुलेंस
जिले में स्वास्थ्य विभाग की 27 एंबुलेंस हैं। इन्हें चलाने के लिए जो चालक व मरीज की देखरेख के लिए जो ईएमटी रखे गए हैं उनमें 80 में से 50 कर्मचारी हड़ताल पर हैं। इन्हें चलाने के लिए नगर निगम से भी चालक लिए गए हैं। इसके अलावा जो कर्मचारी हड़ताल पर नहीं हैं वही काम पर हैं। हड़ताल कर रहे कर्मचारियों का दावा है कि सभी एंबुलेंस नहीं चल रही हैं। निगम के चालक आठ घंटे की ड्यूटी करके लौट जाते हैं। हालांकि एंबुलेंस की वजह से किसी की जान पर बन आई हो अब तक ऐसा कोई केस नहीं आया है।
कर्मचारी बोले- मजबूरन की हड़ताल
स्वास्थ्य कर्मचारी संघ हरियाणा संबंधित भारतीय मजदूर संघ के आह्वान पर जिले के सभी एनएचएम कर्मचारी हड़ताल पर हैं। जिला अध्यक्ष डॉ. मधु, जिला उपाध्यक्ष अमित गुर्जर व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं प्रदेश संगठन मंत्री विजय कांबोज ने कहा कि सरकार ने एनएचएम कर्मचारियों को सातवें पे कमीशन देने की घोषणा की थी लेकिन अब तक यह घोषणा पूरी नहीं हुई। इसलिए उन्हें मजबूरन हड़ताल करनी पड़ रही है। मौके पर राजेश, मोहित, दलजीत, पूजा, सोनिया, रजनी, प्रोमिला, कमलेश, प्रीति, सुशील, अरुण, डॉ. गीता, डॉ. अनु, गीता, सुनीता, सतपाल, चरणजीत, नूरी, प्रभजोत, डिंपल, प्रवीण, भावना, अमरजीत, मधु, हिमानी, मंजीत, सीमा, सुमन, नीलम, प्रियंका, गुलफाम व अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
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ये हैं कर्मचारियों की मुख्य मांगें
- सेवा नियमों को खत्म करने के प्रयासों की कार्रवाई तुरंत प्रभाव से बंद की जाए। सरकार के दिए 2018 के सेवा नियम वैसे ही कर्मचारियों पर लागू रखे जाएं।
- दो नवंबर 2021 को मुख्यमंत्री ने सातवां पे कमीशन देने की जो घोषणा की थी उसी तारीख से लागू किया जाए।
- अमेंडमेंट की फाइल जो चार साल से अधिकारियों ने अटका रखी है उसे तुरंत निकाला जाए।
- एनएचएम कर्मचारियों को ग्रेच्युटी की पेमेंट का लाभ दिया जाए।
- एनएचएम कर्मचारियों को मेडिकल, खाली पद व म्यूचुअल आधार पर वन टाइम ट्रांसफर पॉलिसी दी जाए।
- एनएचएम में लगे मेडिकल ऑफिसर को शुरुआती वेतन 80 हजार व उन्हें सेवा नियम का लाभ दिया जाए।
- एनएचएम की पिछली हड़तालों का वेतन, एएनएम व आंगनबाड़ी की हड़तालों की तरह दिया जाए।
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