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उठान में लापरवाही, गेहूं के पांच लाख कट्टे मंडियों में पड़े

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मंडी में गेहूं के कट्टे पैक करता मजदूर। संवाद - फोटो : Yamuna Nagar
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माई सिटी रिपोर्टर
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यमुनानगर। अनाज मंडियों में उठान को लेकर अधिकारी लापरवाही बरत रहे हैं। अभी तक केवल 58.47 फीसदी फसल की लिफ्टिंग हुई है। अकेले रादौर में ही दो लाख कट्टे लिफ्टिंग के इंतजार में हैं। वहीं पूरे जिले की मंडियों में करीब पांच लाख कट्टे पड़े है। मंडियों में अब जगह नहीं बची है। वहीं मौसम की आंखमिचौली से किसान सहमे है।
वहीं साढौरा में भी 45 फीसदी गेहूं मंडी में पड़ा हुआ है। यहां 18578 मीट्रिक टन खरीद हो चुकी है। जिसमें से केवल 9880 मीट्रिक टन का उठान ही हुआ है। साढ़ौरा अनाज मंडी में बारदाने की भी कमी भी बनी हुई है। मंगलवार को 27 हजार कट्टे आए थे, लेकिन बुधवार को यहां बारदाने का एक भी कट्टा नहीं पहुंचा। अआढ़ती गगन गोयल ने बताया कि जब तक उठान नहीं हो जाता, तब तक आढ़ती की जिम्मेदारी तय की गई है। ऐसे में अगर बारिश आती है तो इसका सीधे तौर पर आढ़ती को नुकसान होगा। सभी मंडियों में आढ़ती और किसान परेशान हैं। न तो समय पर बारदाना मिलता और न ही उठान हो रहा। किसान भी इसलिए परेशान हैं कि उनकी फसल की खरीद हो चुकी है, लेकिन पेमेंट की भी देरी हो रही है।
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वहीं सरकार ने गेहूं का सीजन शुरू होने से पहले किसानों को पोर्टल पर प्रति एकड़ के हिसाब से 30 क्विंटल गेहूं खरीदने की घोषणा की थी। अब सरकार ने सीजन के बीच में 30 क्विंटल प्रति एकड़ की बजाय 25 क्विंटल प्रति एकड़ गेहूं की खरीद किए जाने की अधिसूचना जारी की है। अब किसानों की 25 क्विंटल प्रति एकड़ के हिसाब से गेहूं खरीद होगी। भारतीय किसान यूनियन की ओर से सरकार के इस फैसले का जोरदार विरोध किया गया है। जिला प्रधान संजू गुंदयाना ने कहा कि सरकार ने पोर्टल पर 30 क्विंटल प्रति एकड़ से घटाकर 25 क्विंटल प्रति एकड़ कर किसानों के साथ अन्याय किया है। सरकार हर कदम पर किसानों का दमन करने पर लगी हुई है। सरकार अपने इस फैसले को तुरंत वापस लेने का काम करे और पहले की व्यवस्था को बहाल रखे।
मार्केट कमेटी के सचिव जयसिंह बरहेडी ने बताया कि रादौर, गुमथला व जठलाना अनाज मंडियों में अब तक कुल 4 लाख, 20 हजार, 150 क्विंटल गेहूं की आवक हुई है। जिसमें से 3 लाख, 33 हजार, 290 क्विंटल गेहूं रादौर में, 35195 क्विंटल गेहूं जठलाना में तथा 51665 क्विंटल गेहूं गुमथला अनाज मंडी में आवक हुई है। जिसमें से 1 लाख, 91 हजार, 310 क्विंटल हैफेड ने रादौर में, 1 लाख, 41 हजार, 980 क्विंटल गेहूं वेयर हाउस ने रादौर में खरीद की है। बुधवार को 478 किसान रादौर अनाज मंडी में, 67 जठलाना में और 32 किसान गुमथला में गेहूं की फसल लेकर पहुंचे।
आवक तेज, उठान धीमा, लगा रहा जाम
रादौर अनाज मंडी में गेहूं की भारी मात्रा में आवक होने व धीमा उठान होने के कारण पिछले कई दिनों से जाम की स्थिति बनी हुई है। बुधवार को भी मंडी के फड़ पर दोनों खरीद एजेंसियों के 2 लाख से अधिक कट्टे पड़े हुए थे। प्रशासन द्वारा फड़ पर पड़े गेहूं के कट्टों को उठवाने की लाख कोशिश करने के बावजूद मंडी में जाम की समस्या से निजात नहीं मिल पाई है। किसानों को मंडी में अपनी गेहूं की फसल डालने के लिए काफी जद्दोजहद करनी पड़ रही है। किसानों को पहले बारदाने की कमी से जूझना पड़ रहा था, अब मंडी में जाम के कारण गेहूं की फसल डालने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। संवाद
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उठान का काम तेजी से करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अनाज मंडियों में पेयजल व्यवस्था, सफाई व शौचालय व्यवस्था, बिजली व्यवस्था आदि सुविधाओं का विशेष ध्यान रखे ताकि किसानों को अपनी गेहूं की उपज को बेचने में किसी प्रकार की दिक्कत न आए। -मुकुल कुमार, जिला उपायुक्त।
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